बिना ओटीपी, बिना लिंक क्लिक किए खाते से उड़े 1.64 लाख रुपये, पीड़ित हैरान
मंगलौर में एक चौंकाने वाला साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जहाँ एक अस्पताल कर्मचारी के बैंक खाते से बिना किसी ओटीपी या लिंक क्लिक किए 1.64 लाख रुपये की रकम साफ हो गई। यह घटना पीड़ित के लिए बेहद हैरान करने वाली है, क्योंकि वे न तो नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं और न ही उन्होंने किसी के साथ अपनी कोई व्यक्तिगत जानकारी साझा की है।
सूत्रों के अनुसार, मंगलौर-रुड़की मार्ग पर स्थित एक निजी अस्पताल में काम करने वाले रामसहाय लोधी ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि वे पिछले करीब तीन सालों से इस अस्पताल में कार्यरत हैं। उन्होंने कभी भी इंटरनेट बैंकिंग का उपयोग नहीं किया और न ही कभी किसी ऑनलाइन लेनदेन में भाग लिया। 25 सितंबर को उनके मोबाइल पर अचानक खाते से रकम निकाले जाने के संदेश आने लगे। इन संदेशों को देखकर उनके होश उड़ गए, क्योंकि उन्होंने स्वयं कोई निकासी नहीं की थी।
बैंक में संपर्क करने पर उन्हें पता चला कि उनके खाते से कुल 1 लाख 64 हजार 230 रुपये की राशि कई किस्तों में निकाली गई है। यह राशि पूरी तरह से ऑनलाइन तरीके से निकाली गई थी, जो पीड़ित की समझ से परे था। उन्होंने अपनी शिकायत में यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने न तो किसी को अपना ओटीपी बताया है और न ही किसी अनजान लिंक पर क्लिक किया है। ऐसे में यह सवाल खड़ा होता है कि जालसाजों ने बिना किसी प्रत्यक्ष जानकारी के यह बड़ी रकम कैसे निकाल ली।
इस अनोखी ठगी की घटना ने क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और साइबर सेल की मदद से इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वे सभी संभावित कोणों से जांच कर रहे हैं, जिसमें बैंक के सुरक्षा तंत्र की खामियों और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। इस घटना ने ऑनलाइन लेन-देन की सुरक्षा पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिया है, खासकर उन लोगों के लिए जो डिजिटल माध्यमों से अनभिज्ञ हैं।
