बीएलओ बनकर ठगों का जाल, एक गलती और खाली हो सकता है आपका बैंक खाता
बागपत जिला प्रशासन ने मतदाताओं को साइबर ठगों के बढ़ते जाल से आगाह किया है। हाल के दिनों में कुछ असामाजिक तत्व खुद को बीएलओ (मतदान केंद्र अधिकारी) या निर्वाचन विभाग का प्रतिनिधि बताकर मतदाताओं से उनके मोबाइल पर आए ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) मांग रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआइआर) के तहत गणना प्रपत्र भरने की प्रक्रिया में बीएलओ द्वारा किसी भी प्रकार के ओटीपी की मांग नहीं की जाती है।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने मतदाताओं से पूरी तरह सतर्क और जागरूक रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान फोन कॉल, मैसेज या अन्य माध्यम से ओटीपी मांगने वाले व्यक्तियों के झांसे में बिल्कुल न आएं। ओटीपी एक अत्यंत गोपनीय जानकारी होती है और इसे किसी के साथ साझा करने से आपका बैंक खाता खाली हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति बीएलओ बनकर आपसे ओटीपी मांगता है, तो तत्काल उससे दूरी बनाएं और अपने अधिकृत बीएलओ से ही संपर्क करें।
यह साइबर ठगी का एक नया तरीका सामने आया है, जिसका उद्देश्य मतदाताओं की जानकारी का दुरुपयोग कर उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाना है। इस तरह की ठगी से बचने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि मतदाता अपने व्यक्तिगत और वित्तीय विवरणों को लेकर सजग रहें। किसी भी सरकारी प्रक्रिया के लिए अधिकारियों द्वारा कभी भी ओटीपी या पिन जैसी संवेदनशील जानकारी नहीं मांगी जाती है। यदि ऐसी कोई मांग होती है, तो यह निश्चित रूप से एक धोखाधड़ी का प्रयास है।
प्रशासन इस मामले में जागरूकता फैलाने के लिए विशेष अभियान भी चला सकता है, ताकि अधिक से अधिक मतदाता इस प्रकार की ठगी का शिकार होने से बच सकें। नागरिकों से आग्रह है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर सेल को दें, ताकि ऐसे अपराधियों पर कार्रवाई की जा सके और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। यह घटना दर्शाती है कि साइबर अपराधी लगातार नए तरीके ईजाद कर रहे हैं, और उनसे बचने के लिए निरंतर सतर्कता आवश्यक है।
