बिहार में 19 आईएएस अधिकारियों को मिली अपर सचिव पद पर प्रोन्नति
बिहार में प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, राज्य सरकार ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 19 अधिकारियों को संयुक्त सचिव स्तर से अपर सचिव स्तर पर पदोन्नत किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने शनिवार को इस आशय की एक विस्तृत अधिसूचना जारी की, जिससे राज्य के प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है।
यह पदोन्नति राज्य प्रशासन में गतिशीलता लाने और शासन की प्रभावशीलता को बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस निर्णय से विभिन्न विभागों के कामकाज में तेजी आने और बेहतर समन्वय स्थापित होने की उम्मीद है।
पदोन्नत होने वाले अधिकारियों में अरविंद कुमार, प्रमोद कुमार, विनय कुमार, अभय कुमार सिंह, राजीव कुमार सिंह, अमित कुमार, कुमारी सीमा, डॉ. महेंद्र पाल, राशिद कलीम अंसारी, मुमताज आलम, विजय कुमार, सुशांत कुमार, मनोज कुमार रजक, राम कुमार पोद्दार, राजेश परिमल, राजमोहन झा, राजीव रंजन प्रभाकर, धनंजय कुमार और राकेश कुमार शामिल हैं।
इन अधिकारियों में से कई पहले से ही महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। उदाहरण के लिए, अरविंद कुमार लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) में संयुक्त सचिव, प्रमोद कुमार पश्चिम चंपारण के बंदोबस्त पदाधिकारी, और विनय कुमार भवन निर्माण विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर कार्यरत थे। इसी प्रकार, अभय कुमार सिंह सहकारिता विभाग में, राजीव कुमार सिंह सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में, और अमित कुमार बिहार तकनीकी सेवा आयोग में उपसचिव के पद पर थे।
कुमारी सीमा बिहार स्वास्थ्य सेवाएं एवं आधारभूत संरचना की मुख्य महाप्रबंधक (प्रोक्योरमेंट), डॉ. महेंद्र पाल राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में संयुक्त सचिव, राशिद कलीम अंसारी सामान्य प्रशासन विभाग में प्रशासनिक अधिकारी तथा मुमताज आलम बिहार राज्य अल्पसंख्यक वित्तीय निगम में प्रबंध निदेशक के तौर पर अपनी जिम्मेदारियां संभाल रहे थे।
अन्य पदोन्नत अधिकारियों में विजय कुमार और मनोज कुमार रजक, जो फिलहाल सामान्य प्रशासन विभाग में पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे हैं, सुशांत कुमार (लघु जल संसाधन विभाग में संयुक्त सचिव), रामकुमार पोद्दार (ग्रामीण विकास विभाग में उप मिशन निदेशक), राजेश परिमल (मुख्यमंत्री सचिवालय में संयुक्त सचिव), और राजमोहन झा (बिहार राज्य खाद्यान्न भंडारण एवं प्रबंधन संस्थान में महाप्रबंधक (आधुनिकीकरण)) शामिल हैं।
यह पदोन्नति न केवल इन अधिकारियों के करियर के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, बल्कि यह राज्य सरकार की प्रशासनिक दक्षता को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। उम्मीद है कि नई जिम्मेदारियों के साथ ये अधिकारी राज्य के विकास में और अधिक प्रभावी योगदान देंगे।
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