बेतिया राज की 4000 एकड़ जमीन का फर्जीवाड़ा, 159 जमाबंदियां रद्द करने का आदेश
पश्चिम चंपारण जिले में बेतिया राज की जमीनों के फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, बेतिया राज की कुल 4229.82 एकड़ जमीन की अवैध रूप से जमाबंदी कराई गई है। इस मामले में अब तक 159 ऐसे मामलों की पहचान की गई है, जहां भू-माफियाओं ने सरकारी मिलीभगत से राज की जमीन को अपने नाम करा लिया था। यह गोरखधंधा जिले के 16 विभिन्न अंचलों में संचालित किया जा रहा था।
बेतिया राज की परिसंपत्तियों को राज्य सरकार में समाहित किए जाने के बाद से इनकी संपत्तियों के संरक्षण और प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय हुआ था। इसी क्रम में यह व्यापक घोटाला सामने आया। जिला प्रशासन की सक्रियता के चलते अब भू-माफियाओं पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है, जिन्होंने राज की कीमती जमीनों पर अवैध कब्जा जमा लिया था और उसे अपने नाम जमाबंदी भी करा ली थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने तत्काल प्रभाव से इन सभी 159 अवैध जमाबंदियों को रद्द करने का आदेश दिया है। जिलाधिकारी ने यह निर्देश अपर जिलाधिकारी सह बेतिया राज प्रबंधक राजीव रंजन सिन्हा को दिया है। इस आदेश का मुख्य उद्देश्य बेतिया राज की बहुमूल्य भूमि को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराना है।
यह ध्यान देने योग्य है कि बेतिया राज की कुल 15213 एकड़ जमीन पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण और उत्तर प्रदेश जैसे इलाकों में फैली हुई है। अकेले पश्चिम चंपारण जिले में ही बेतिया राज की 12842 एकड़ जमीन स्थित है। इस बड़े फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
