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बार-बार फोन पर भी नहीं आई जननी एक्सप्रेस, महिला ने जंगल में दिया बच्ची को जन्म

By Nov 25, 2025

शिवपुरी जिले के पोहरी विकासखंड में जननी एक्सप्रेस की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत को उजागर कर दिया है। एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलने के कारण जंगल के बीच सड़क किनारे एक बच्ची को जन्म देना पड़ा। यह घटना सोमवार सुबह की है, जिसने स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम छर्च निवासी 30 वर्षीय मंजू जाटव को जब प्रसव पीड़ा शुरू हुई, तो उनके परिजन उन्हें छर्च प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। परिजनों का आरोप है कि वहां मौजूद स्वास्थ्य कर्मियों ने महिला की स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया और कागजी कार्रवाई के बाद उसे हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी बताकर रेफर कर दिया। इसके बाद, नर्सिंग स्टाफ ने जननी एक्सप्रेस को दो बार फोन लगाया, लेकिन एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची।

एम्बुलेंस के न आने से हताश और बेबस परिजनों को निजी वाहन किराए पर लेना पड़ा और वे प्रसूता को पोहरी की ओर ले जाने लगे। रास्ते में, जंगल के बीचों-बीच मंजू की प्रसव पीड़ा अचानक बढ़ गई। हालत बिगड़ने पर वाहन को रोकना पड़ा और सड़क पर ही महिला को बच्ची को जन्म देना पड़ा। परिवार का कहना है कि यदि स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी थोड़ा प्रयास करते या जननी एक्सप्रेस समय पर पहुंच जाती, तो जंगल में इस तरह की आपातकालीन स्थिति से बचा जा सकता था।

इस मामले पर पोहरी के बीएमओ डॉ. दीक्षांत गुदेनिया ने स्वीकार किया कि एम्बुलेंस को सुबह 8:13 और 8:37 बजे कॉल किया गया था। प्रसूता की गंभीर स्थिति को देखते हुए, बाद में परिजनों को निजी वाहन से पोहरी ले जाने की सलाह दी गई। उन्होंने यह भी माना कि यदि एम्बुलेंस समय पर पहुंच जाती, तो सड़क पर प्रसव कराने की नौबत नहीं आती, क्योंकि एम्बुलेंस में प्रसव के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध होते हैं।

फिलहाल, प्रसूता मंजू जाटव और उनकी नवजात बच्ची को पोहरी स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां दोनों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और समयबद्धता पर गंभीर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

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