यूपी के कारीगरों को मिलेगा PM Vishwakarma Scheme का लाभ, जानें आवेदन प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश के पारंपरिक शिल्पकारों और कारीगरों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी PM Vishwakarma Scheme के तहत अब उन्हें कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट और आसान ऋण की सुविधा मिलेगी। यह योजना विशेष रूप से उन 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों को लक्षित करती है जो अपनी कला को आगे बढ़ाना चाहते हैं।
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। आवेदन जनसुविधा केंद्र (CSC) के माध्यम से किया जा सकता है। परिवार के केवल एक सदस्य को ही इस योजना के तहत पंजीकरण कराने की अनुमति है, जिसमें पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे शामिल हैं।
योजना के तहत लाभार्थियों को पांच दिवसीय बेसिक कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने पर उन्हें संबंधित ट्रेड के लिए 15,000 रुपये का टूलकिट प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षण अवधि के दौरान प्रत्येक लाभार्थी को 500 रुपये प्रतिदिन की दर से भत्ता भी मिलेगा।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, इच्छुक लाभार्थी 5 प्रतिशत की ब्याज दर पर 1 लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं। यदि लाभार्थी पहले से ही 15 दिवसीय कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं, तो उन्हें 2 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। यह आर्थिक सहायता कारीगरों को अपने व्यवसाय को बढ़ाने में मदद करेगी।
योजना में बढ़ई, दर्जी, लोहार, बोटमेकर, सोनार, कुम्हार, राजमिस्त्री, अस्त्र, ताला, हथौड़ा टूलकिट, गुड़िया और खिलौना बनाने वाले, मूर्तिकार, मोची, डलिया, चटाई, झाडू, नाई, मालाकार, धोबी व मछली का जाल बनाने वाले सहित 18 पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया है।
