दिल्ली में प्रदूषण के बीच 22 अक्टूबर से बढ़ेंगी मेट्रो की 20 अतिरिक्त ट्रिप, जी्रैप-1 लागू | delhi pollution news
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बिगड़ती आबोहवा को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने बड़ा कदम उठाते हुए सोमवार से शुक्रवार तक मेट्रो नेटवर्क पर रोजाना 20 अतिरिक्त फेरे (ट्रिप) चलाने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था आगामी 22 अक्टूबर से प्रभावी होगी, जिसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना है ताकि सड़कों पर वाहनों का दबाव कम हो सके।
ग्रैडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान का पहला चरण लागू होने के बाद मेट्रो संचालन बढ़ाने के साथ-साथ निर्माण स्थलों पर भी सख्ती बढ़ा दी गई है। कॉरपोरेशन द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, निर्माण स्थलों और उनके आसपास के इलाकों में धूल नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत सड़कों की नियमित सफाई, फुटपाथों और डिवाइडर पर जमा कचरे को हटाने का काम प्राथमिकता से किया जा रहा है। अधिकारियों का यह प्रयास है कि निर्माण गतिविधियों के दौरान उड़ने वाली धूल हवा में न घुल पाए।
प्रदूषण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए निर्माण स्थलों, स्टेशनों और दफ्तरों के आसपास ढाई सौ से अधिक एंटी-स्मॉग और मिस्ट गन तैनात की गई हैं। इसके अलावा, निर्माण सामग्री को पूरी तरह ढककर रखने और वाहनों के पहियों को धोने की व्यवस्था की कड़ी निगरानी की जा रही है ताकि सड़कों पर मिट्टी न फैले। पर्यावरण विभाग की विशेष टीमें लगातार इन क्षेत्रों का मुआयना कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन त्वरित और सख्त कदमों से आगामी दिनों में वायु गुणवत्ता में सुधार लाने में खासी मदद मिलेगी।
