कानपुर में 30 दिन बंधक रहे दंपति का आरोप: पुलिस ने 8 घंटे बिठाया, FIR बदली; ‘Kanpur news’ में सनसनी
कानपुर के कल्याणपुर क्षेत्र में एक महीने तक बंधक रहे दंपति ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। दंपति का आरोप है कि उन्हें मुक्त कराने के बाद पुलिस ने थाने में घंटों बैठाए रखा और अपहरण के आरोपी के खिलाफ हल्की धाराओं में कार्रवाई की। पीड़ित ओम गुप्ता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी तहरीर तीन बार बदलवाई और आरोपी के खिलाफ अपहरण जैसी गंभीर धाराओं के बजाय सिर्फ शांतिभंग में चालान किया।
शाहजहांपुर निवासी ओम गुप्ता की पत्नी दिव्या की उन्नाव के बांगरमऊ क्षेत्र में पैतृक जमीन है। ओम गुप्ता का आरोप है कि कल्याणपुर के प्रॉपर्टी डीलर दीपक गंगवार ने करीब दो करोड़ रुपये की जमीन का सौदा 71 लाख रुपये में तय किया था। इसके लिए दीपक ने एक लाख रुपये बतौर बयाना दिए थे। ओम गुप्ता के मुताबिक, 5 फरवरी को दीपक ने उन्हें कानपुर बुलाया और अपने गुर्गों की मदद से उन्हें बंधक बना लिया।
पीड़ित दंपति का आरोप है कि करीब एक महीने तक उन्हें और उनकी दो साल की बच्ची को अलग-अलग होटल और फ्लैट में बंधक बनाकर रखा गया। शनिवार को कंट्रोल रूम में सूचना मिलने के बाद कल्याणपुर पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें फ्लैट से मुक्त कराया। मुक्त होने के बाद ओम गुप्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें, उनकी पत्नी और उनकी दो साल की बच्ची को शनिवार दोपहर करीब दो बजे थाने लेकर आई, लेकिन करीब आठ घंटे तक थाने में बैठाए रखा। इस दौरान बच्ची भूख और प्यास से परेशान होती रही।
ओम गुप्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी तहरीर तीन बार बदलवाई और अंत में आरोपी के खिलाफ अपहरण के बजाय केवल शांतिभंग की कार्रवाई कर दी। उन्होंने यह भी दावा किया कि आरोपी दीपक का भाई थाने में पुलिसकर्मियों के लिए खाना लेकर आया था और उनकी आवभगत की गई। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनसे कहा कि आरोपी उनकी जान-पहचान का है।
वहीं, कल्याणपुर के एसीपी आशुतोष कुमार ने दंपति के आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि पीड़ित पक्ष ने पहले दीपक गंगवार से एग्रीमेंट किया था, लेकिन बाद में जमीन किसी दूसरे पक्ष को बेच दी। एसीपी के अनुसार दीपक अपनी रकम वापस लेने के लिए उन्हें कानपुर में रोके हुए था। उन्होंने बताया कि इस दौरान दंपति मॉल में शॉपिंग करने गए और उन्नाव डीएम कार्यालय भी पहुंचे, इसलिए बंधक बनाए जाने की बात सही नहीं लगती। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
