CCSU विषम सेमेस्टर परीक्षाएं शुरू: 2.42 लाख छात्र परीक्षा में शामिल, नकल रोकने के पुख्ता इंतजाम
मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) और उससे संबद्ध कॉलेजों में बुधवार से विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं प्रारंभ हो गई हैं। इस परीक्षा में कुल 2,42,115 विद्यार्थी पंजीकृत हैं, जो प्रदेश भर में बनाए गए 189 परीक्षा केंद्रों पर अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। परीक्षाएं दो पालियों में आयोजित की जा रही हैं, जिनमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) आधारित, पारंपरिक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के छात्र शामिल हैं।nnविश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षाओं को पूरी तरह नकलविहीन और पारदर्शी बनाने के लिए कड़े इंतजाम किए हैं। परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक विशेष सीसीटीवी कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिससे सभी परीक्षा केंद्रों की रियल-टाइम निगरानी की जा सकेगी। इसके अतिरिक्त, परीक्षा की सुचारू संचालन और अनियमितताओं पर अंकुश लगाने के लिए चार सचल दस्ते भी गठित किए गए हैं। इन दस्तों द्वारा परीक्षा अवधि के दौरान विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा।nnसूत्रों के अनुसार, परीक्षा नियंत्रक ने सभी केंद्राध्यक्षों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही या कदाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी भी परीक्षा केंद्र पर नकल या किसी अन्य प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी छात्रों से अपील की है कि वे परीक्षा केंद्रों पर समय से उपस्थित हों और परीक्षा संबंधी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें।nnविषय आवंटन के लिए समर्थ पोर्टल पुनः खोला गया है। विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक स्तर के सभी पाठ्यक्रमों में सत्र 2025-26 में प्रवेश लेने वाले छात्रों के विषय आवंटन की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए समर्थ पोर्टल को 30 नवंबर तक के लिए सक्रिय कर दिया गया है। परीक्षा नियंत्रक ने सभी कॉलेजों को निर्देश दिया है कि वे अपने लॉग इन आईडी से एकेडमिक टेब पर जाकर प्रवेश ले चुके छात्रों के विषय आवंटित कर दें।nnइसके अलावा, अनुपस्थित रहने वाले छात्रों के अनुक्रमांक दर्ज करने को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। पूर्व में अनुपस्थित छात्रों का रिकॉर्ड ठीक से दर्ज न होने के कारण परीक्षा परिणाम घोषित करने में समस्या आती थी। अब, परीक्षा केंद्रों के प्रभारियों को निर्देश दिया गया है कि वे उपस्थिति सूची में उपस्थित परीक्षार्थियों की उत्तर पुस्तिका क्रमांक सहित हस्ताक्षर लें और अनुपस्थित परीक्षार्थियों के नाम के आगे लाल स्याही से ‘एब्सेंट’ अंकित करें, भले ही वह एक ही छात्र क्यों न हो। यह कदम परीक्षा परिणाम की सटीकता सुनिश्चित करने और मिलान प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए उठाया गया है।”
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