मेरठ में गंगा एक्सप्रेस-वे के पास बनेगा औद्योगिक गलियारा, 1 दिसंबर से शुरू होंगे आवेदन
मेरठ में गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे एक महत्वपूर्ण औद्योगिक गलियारा आकार लेने जा रहा है, जो क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर ली है और अब निर्माणकर्ता एजेंसी के चयन के लिए ई-टेंडरिंग प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
यूपीडा ने घोषणा की है कि औद्योगिक गलियारे में भूखंडों के आवंटन के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 दिसंबर से शुरू होगी। देशी-विदेशी कंपनियों और स्थानीय उद्यमियों से उत्पादन इकाइयों और लॉजिस्टिक यूनिट स्थापित करने के लिए भूखंडों हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस परियोजना के प्रथम चरण में कुल 529 एकड़ (214 हेक्टेयर) भूमि का विकास किया जाएगा, जिसमें से अधिकांश भूमि की खरीद प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, हालांकि किसानों से करीब 30 हेक्टेयर भूमि की खरीद शेष है।
यह औद्योगिक गलियारा गंगा एक्सप्रेस-वे से उत्कृष्ट कनेक्टिविटी का लाभ उठाएगा, जिससे माल ढुलाई और आवागमन सुगम होगा। डीपीआर के अनुसार, गलियारे में चौड़ी और सुगम सड़कें, निर्बाध बिजली आपूर्ति, पर्याप्त जल निकासी व्यवस्था और अन्य सभी आवश्यक सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए पर्याप्त ग्रीन एरिया का भी प्रावधान रखा गया है। भूखंडों का आवंटन न्यूनतम आठ हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल के लिए किया जाएगा, जो बड़े उद्योगों की स्थापना के लिए उपयुक्त होगा।
यूपीडा प्रदेश में छह औद्योगिक एक्सप्रेस-वे के किनारे इस तरह के 27 उत्तर प्रदेश मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर विकसित कर रहा है। मेरठ में विकसित होने वाला औद्योगिक गलियारा इस श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, मेरठ में उद्योग स्थापित करने के लिए देशी और विदेशी कंपनियों में काफी उत्साह है। परियोजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण में लगी प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (पीआईयू) को सौंपी गई है। यह परियोजना मेरठ के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करने की क्षमता रखती है।
