बिहार में अपराध पर गृह मंत्री सम्राट चौधरी का कड़ा एक्शन प्लान, कानून व्यवस्था सर्वोपरि
बिहार में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में नए गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने पदभार संभालते ही एक ठोस एक्शन प्लान की शुरुआत की है। मंगलवार को कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद, उन्होंने गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के साथ एक विस्तृत बैठक की, जो लगभग दो घंटे तक चली। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य की वर्तमान विधि-व्यवस्था की समीक्षा करना और उसे और बेहतर बनाने की रणनीति तैयार करना था।
सूत्रों के अनुसार, मंत्री चौधरी ने केवल वर्तमान अधिकारियों से ही नहीं, बल्कि राज्य के पूर्व डीजीपी अधिकारियों से भी महत्वपूर्ण परामर्श लिया। इस मंथन में नीलमणि, डीएन गौतम, केएस द्विवेदी जैसे अनुभवी अधिकारी शामिल थे, जिन्होंने अपने कार्यकाल के अनुभवों और वर्तमान चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय की भी पुलिस मुख्यालय में उपस्थिति ने इस बैठक के महत्व को और बढ़ा दिया।
बैठक के दौरान, पुलिस पदाधिकारियों ने मंत्री को पुलिस की कार्यप्रणाली, उपलब्धियों और आंकड़ों से संबंधित एक विस्तृत प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत किया। मंत्री सम्राट चौधरी ने प्रेजेंटेशन को ध्यानपूर्वक सुना और तत्पश्चात पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि संगठित अपराध पर किसी भी प्रकार की ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में सुशासन और कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की सर्वोपरि प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की कोताही को गंभीरता से लिया जाएगा।
इससे पहले, मंत्री चौधरी करीब 12 बजे पुलिस मुख्यालय पहुंचे, जहाँ डीजीपी विनय कुमार और अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। यह बैठक बिहार में अपराध के खिलाफ सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है और उम्मीद है कि यह राज्य में सुरक्षा के माहौल को और बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगी।
