कुरुक्षेत्र में पीएम मोदी: 17वीं बार आगमन, विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और विजन डॉक्यूमेंट पेश
हरियाणा की पावन धरा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 17वीं बार कुरुक्षेत्र आगमन एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ। प्रधानमंत्री ने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित भव्य समागम में शिरकत की और अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव की महाआरती में भी भाग लिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की उपस्थिति में, प्रधानमंत्री मोदी ने हरियाणा को समर्पित सात महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इसी दिन, प्रदेश के भविष्य के विकास की रूपरेखा प्रस्तुत करने वाला ‘विजन डॉक्यूमेंट 2047’ भी जनता को समर्पित किया गया।nnप्रधानमंत्री मोदी करीब साढ़े चार घंटे तक धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में रहे। उन्होंने तीन अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से सरकार की सिखों के प्रति संवेदनशीलता और उनके कल्याण हेतु किए गए कार्यों पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही, केंद्र सरकार द्वारा पंजाब के विकास में दिए जा रहे योगदान की भी जानकारी साझा की गई। इस अवसर पर, दो विशेष कॉफी टेबल बुक्स भी तैयार की गईं, जिनमें इन प्रयासों का विवरण था।nnगुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के अवसर पर हरियाणा सरकार द्वारा आयोजित चार बड़ी श्रद्धा यात्राओं का समापन कुरुक्षेत्र में हुआ। प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से ही गीता जयंती को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है, और इस वर्ष दुनिया के 50 देशों में इसका आयोजन किया जा रहा है। हरियाणा सरकार ने गुरु साहिब जी की स्मृति में 1 नवंबर से अनेक जन-सहभागिता वाले आध्यात्मिक आयोजन किए, जिन्होंने आध्यात्मिक एकता की मिसाल पेश की। राज्यभर से निकली श्रद्धा यात्राएं एक अनूठे आध्यात्मिक और सांस्कृतिक उत्सव का रूप ले चुकी थीं।nnप्रधानमंत्री के कुरुक्षेत्र दौरे के दौरान, सिखों के हित में सरकार द्वारा किए गए कार्यों का विस्तृत विवरण दिया गया। गुरु तेग बहादुर जी की स्मृति में हरियाणा सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं, जिनमें चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा में ‘गुरु तेग बहादुर चेयर’ की स्थापना, अंबाला के पॉलिटेक्निक कॉलेज का नाम बदलकर गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर रखना, करनाल में भव्य मैराथन का आयोजन, टोहाना-जींद-नरवाना मार्ग को “गुरु तेग बहादुर मार्ग” नाम देना, कलेसर क्षेत्र में “गुरु तेग बहादुर वन” विकसित करना, और यमुनानगर के किशनपुर में “जीटीबी कृषि महाविद्यालय” की स्थापना का प्रस्ताव शामिल है। इन पहलों का उद्देश्य गुरु तेग बहादुर जी के त्याग, बलिदान और मानवता के संदेश को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना है।nnहरियाणा का सिख समुदाय के साथ गहरा जुड़ाव रहा है। यहाँ लगभग 28 गुरुद्वारा साहिबान हैं और श्री गुरु तेग बहादुर जी का ससुराल गांव लखनौर साहिब (अंबाला) में है। हरियाणा में ही सिख समुदाय के प्रथम बादशाह बाबा बंदा सिंह बहादुर की राजधानी लोहगढ़ (यमुनानगर) में मार्शल आर्ट इंस्टीट्यूट और श्री गुरु तेग बहादुर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य प्रगति पर है। श्री गुरु नानक देव जी के गुरुद्वारा चिल्ला साहिब (सिरसा) की 72 कनाल भूमि बिना किसी शुल्क के निश्शुल्क प्रदान की गई। प्रदेश में कई स्थानों पर स्मारकीय द्वार, कॉलेज और संस्थानों का नामकरण गुरु साहिबान के नाम पर किया गया है।nnप्रधानमंत्री मोदी शाम करीब चार बजे कुरुक्षेत्र के ज्योतिसर स्थित हेलीपैड पर उतरे। वहां से वे पहले ज्योतिसर गए, जहाँ भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था, और फिर महाभारत अनुभव केंद्र का दौरा किया। इसके बाद सात विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया और फिर गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर आयोजित समागम में वे शामिल हुए। ब्रह्मसरोवर पर आयोजित महाआरती में भी उन्होंने भाग लिया। रात करीब साढ़े आठ बजे प्रधानमंत्री की रवानगी हुई।”
