ब्रिटेन का ‘सुपर रिच टैक्स’ बना सिरदर्द, लक्ष्मी मित्तल ने छोड़ा देश?
नई दिल्ली| ब्रिटेन में रहने वाले अरबपतियों के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। भारतवंशी ‘स्टील किंग’ लक्ष्मी निवास मित्तल ने भी ब्रिटेन छोड़ दिया है, जिसकी मुख्य वजह देश का नया ‘सुपर रिच टैक्स’ बताया जा रहा है। तीन दशक से अधिक समय से ब्रिटेन में रह रहे मित्तल, जो वर्तमान में टैक्स संबंधी कारणों से स्विट्जरलैंड में निवास करते हैं, अब दुबई शिफ्ट हो सकते हैं। इस नए कर प्रणाली को लेकर बड़े उद्योगपतियों में नाराजगी है।
ब्रिटेन का ‘सुपर रिच टैक्स’ वास्तव में कोई एक कर नहीं, बल्कि विभिन्न करों का एक समूह है। जिसे प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और चांसलर रैचेल रीव्स ने 2024 के बजट में लागू किया था। यह कर विशेष रूप से उन अत्यंत धनी व्यक्तियों को प्रभावित करता है जिनकी संपत्ति लगभग 1 बिलियन डॉलर (करीब 8916 करोड़ रुपये) से अधिक है। इस कर का उद्देश्य सरकार के वित्तीय घाटे को कम करना और बढ़ते सार्वजनिक खर्चों का प्रबंधन करना है।
इस कर प्रणाली के तहत, पहले विदेशों में अर्जित आय पर कोई कर नहीं लगता था, लेकिन अप्रैल 2025 से यह छूट समाप्त कर दी गई है। अब, जो धनी व्यक्ति यूके में चार साल से अधिक समय से रह रहे हैं, उन्हें अपनी विदेशी आय पर 45% तक का कर देना पड़ सकता है।
इसके अतिरिक्त, विरासत कर (Inheritance Tax) में भी बदलाव किया गया है। वर्तमान में, यह कर मृत्यु के बाद छोड़ी गई संपत्ति पर 40% की दर से लगाया जाता है, जिसमें ट्रस्ट और विदेशी संपत्तियों को कुछ छूट प्राप्त थी। नए प्रस्ताव के अनुसार, अब ट्रस्ट में रखी गई संपत्ति और विदेशी संपत्तियों को भी इस कर के दायरे में लाया जाएगा, जिससे अरबपतियों पर टैक्स का बोझ काफी बढ़ जाएगा।
कैपिटल गेन टैक्स (Capital Gains Tax) में भी वृद्धि की आशंका है। वर्तमान में यह 25% है, लेकिन चर्चा है कि इसे बढ़ाकर 28% किया जा सकता है। इसका मतलब है कि शेयर या प्रॉपर्टी बेचने पर पहले से अधिक कर वसूला जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन बदलावों के संयुक्त प्रभाव से अरबपतियों का कुल टैक्स बोझ कई गुना बढ़ गया है। लक्ष्मी मित्तल, जिनकी अनुमानित नेटवर्थ लगभग 15.4 बिलियन पाउंड (लगभग 1.80 लाख करोड़ रुपये) है, इस कर प्रणाली से विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं। नॉन-डोम स्टेटस के समाप्त होने से उन्हें अपनी विदेशी आय पर भारी कर देना पड़ेगा। इनहेरिटेंस टैक्स में ट्रस्ट और विदेशी संपत्तियों को शामिल करना और कैपिटल गेन टैक्स में संभावित वृद्धि ने उनकी चिंताएं बढ़ा दी हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, ब्रिटिश सरकार अगले बजट में इन करों को और सख्त कर सकती है। इसी परिप्रेक्ष्य में, लक्ष्मी मित्तल ने यूके छोड़ दिया है और उनके दुबई में बसने की अटकलें तेज हो गई हैं।
