जनसुराज और NDA नेताओं के बीच भिड़ंत, गाली-गलौज का ऑडियो वायरल, मामला थाने पहुंचा
बिहार में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बावजूद राजनीतिक तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। जनसुराज के नेताओं पर नाथनगर और बिहपुर विधानसभा क्षेत्रों में क्रमशः जदयू और भाजपा नेताओं को कथित तौर पर धमकी देने और गाली-गलौज करने के आरोप लगे हैं। इन घटनाओं ने राज्य की सियासत में एक बार फिर गरमाहट ला दी है और मामला थाने तक पहुँच गया है।
भागलपुर के नाथनगर क्षेत्र में, जनसुराज के एक नेता पर जदयू नेता राकेश कुमार ओझा को मोबाइल पर धमकी देने का आरोप है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ओझा ने 22 नवंबर को अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया था, जिसमें उन्होंने विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। इसी पोस्ट से नाराज होकर एक व्यक्ति ने ओझा को फोन पर न केवल अपशब्द कहे, बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी। इस संबंध में जदयू महानगर जिलाध्यक्ष संजय साह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने तातारपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। जदयू नेताओं ने इस कृत्य को लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन बताते हुए कहा कि यह जनता के बीच भय का माहौल बनाने की कोशिश है। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और कॉल डिटेल निकलवाया जा रहा है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, बिहपुर विधानसभा क्षेत्र में दो वायरल ऑडियो क्लिप ने राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है। एक ऑडियो में जनसुराज के प्रत्याशी पवन चौधरी कथित तौर पर भाजपा जिलामंत्री रुपेश रूप को अपशब्द कहते और चेतावनी देते सुनाई दे रहे हैं। इस बातचीत में असंसदीय भाषा का प्रयोग स्पष्ट रूप से सामने आया है, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ता दिखा और अंततः कॉल अचानक कट गया। इसके जवाब में, जनसुराज की ओर से भी एक ऑडियो क्लिप जारी किया गया है, जिसमें भाजपा जिलामंत्री रुपेश रूप पर जनसुराज कार्यकर्ता को धमकी देने का आरोप लगाया गया है। इन वायरल ऑडियो क्लिप्स ने क्षेत्र की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और दोनों दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। पुलिस इन वायरल ऑडियो की प्रामाणिकता की जांच कर रही है और इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कह रही है।
