राम मंदिर ध्वजारोहण की तैयारी: रामनगरी में सुरक्षा चाक-चौबंद, वाहनों की गहन जांच
अयोध्या में राम मंदिर के भव्य ध्वजारोहण की तैयारी जोरों पर है, और इसी के साथ सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 नवंबर को इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने की संभावना को देखते हुए, पुलिस और प्रशासनिक अमला पूरी तरह से सतर्क है। रामनगरी में प्रवेश करने वाले हर वाहन की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।nnखुफिया एजेंसियों और पुलिस विभाग द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। शहर के विभिन्न प्रवेश द्वारों पर विशेष चेकपोस्ट स्थापित किए गए हैं, जहां संदिग्ध दिखने वाले वाहनों को रोका जा रहा है और उनकी गहन तलाशी ली जा रही है। स्थानीय पुलिस ने बताया कि लखनऊ से अयोध्या आने-जाने वाले और रामनगरी से राजधानी की ओर जाने वाले सभी दोपहिया और चार पहिया वाहनों की जांच की जा रही है। अब तक कई वाहनों का चालान भी काटा गया है, जिनमें बिना हेलमेट और तीन सवारी वाले वाहन शामिल हैं। साथ ही, कारों पर लगी काली फिल्म हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं और चेतावनी दी गई है कि दोबारा ऐसा करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।nnयह सुरक्षा घेरा केवल अयोध्या शहर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के जिलों जैसे अमेठी, सुल्तानपुर, बाराबंकी और रायबरेली को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर भी वाहनों की जांच तेज कर दी गई है। भेलसर-इन्हौना मार्ग स्थित रेछ घाट पर भी दिन-रात वाहनों की चेकिंग की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि ध्वजारोहण की तिथि नजदीक आने के साथ ही सुरक्षा उपायों को और भी कड़ा किया जाएगा। पुलिस का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि यह धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और निर्विघ्न संपन्न हो। इस दौरान, आम जनता से भी सहयोग की अपील की गई है ताकि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिल सके।
