G20 समिट में पीएम मोदी: समावेशी विकास और सहयोग से मजबूत होगा भविष्य
जोहान्सबर्ग में चल रहे G20 लीडर्स समिट 2025 के पहले सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समावेशी और सतत विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य को मजबूत बनाने के लिए सहयोग और समावेशी विकास ही मुख्य आधार हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि अफ्रीका की धरती पर पहली बार G20 समिट का आयोजन हो रहा है, जो इसे और भी महत्वपूर्ण बनाता है। ऐसे में, विकास के मौजूदा मापदंडों पर पुनर्विचार करना अत्यंत आवश्यक है।
प्रधानमंत्री ने भारतीय सभ्यता के मूल्यों, विशेषकर ‘इंटीग्रल ह्यूमनिज्म’ (समग्र मानवतावाद) के सिद्धांत को आगे बढ़ने का एक महत्वपूर्ण मार्ग बताया। यह सिद्धांत सभी के कल्याण और सामंजस्य पर आधारित है, जो वैश्विक चुनौतियों से निपटने में सहायक हो सकता है।
तीन दिवसीय G20 लीडर्स समिट 2025 के लिए दक्षिण अफ्रीका पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, वैश्विक मुद्दों पर भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत कर रहे हैं। समिट के दौरान उनकी कई द्विपक्षीय बैठकें भी निर्धारित हैं, जो अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देंगी। आज के सत्र का मुख्य एजेंडा ‘समावेशी और सतत आर्थिक विकास – किसी को पीछे न छोड़ना’ था, जिस पर विस्तार से चर्चा हुई।
इस समिट के इतर, प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी भरे माहौल में बातचीत हुई, जिसमें वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया गया। प्रधानमंत्री ने गुटेरेस के साथ हुई इस मुलाकात को ‘बहुत सार्थक’ बताया।
जोहान्सबर्ग में G20 समिट स्थल पर पहुंचने पर, प्रधानमंत्री मोदी ने मेजबान देश के राष्ट्रपति रामफोसा का गर्मजोशी से स्वागत करने और इस महत्वपूर्ण समिट के आयोजन के लिए धन्यवाद भी व्यक्त किया।
वैश्विक विकास को गति देने के उद्देश्य से, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने G20 समिट में चार नई पहलों का प्रस्ताव रखा। इनमें ग्लोबल ट्रेडिशनल नॉलेज रिपॉजिटरी (वैश्विक पारंपरिक ज्ञान भंडार), अफ्रीका स्किल्स मल्टीप्लायर इनिशिएटिव (अफ्रीका कौशल गुणक पहल), ग्लोबल हेल्थकेयर रिस्पॉन्स टीम (वैश्विक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया दल) और ड्रग-टेरर नेक्सस का मुकाबला करने की पहल शामिल है। ये प्रस्ताव वैश्विक चुनौतियों के समाधान और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
