जयपुर: चौथी कक्षा की छात्रा के सुसाइड से पहले आखिरी घंटे की दर्दनाक हकीकत
जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में कक्षा 4 की छात्रा अमायरा कुमार मीणा के सुसाइड मामले में सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) की जांच रिपोर्ट ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, नौ साल की इस मासूम को कथित उत्पीड़न और बदमाशी का शिकार बनाया जा रहा था, और स्कूल प्रशासन व क्लास टीचर की ओर से लगातार उपेक्षा के चलते उसने अपनी जान दे दी।nnजांच टीम के अनुसार, अमायरा ने अपनी क्लास टीचर पुनीता शर्मा से सुसाइड से कुछ घंटे पहले उत्पीड़न की शिकायत को लेकर पांच बार बात की थी। करीब 45 मिनट तक वह टीचर से मदद और सपोर्ट मांगती रही, लेकिन उसे कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। बल्कि, रिपोर्ट में कहा गया है कि टीचर ने बच्ची पर कई बार चिल्लाया और ऐसी बातें कहीं, जिससे पूरी क्लास हैरान रह गई। यह तब हुआ जब बच्ची पिछले 18 महीनों से बदमाशी का शिकार हो रही थी और खुद को बेहद अकेला और घिरा हुआ महसूस कर रही थी।nnरिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सुसाइड से कुछ घंटे पहले तक अमायरा खुश थी। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, सुबह 11 बजे से पहले उसे पॉजिटिव बातें करते, नाचते, चॉकलेट और गोलगप्पे खाते हुए देखा गया था। हालांकि, 11 बजे के बाद स्थिति बदली जब उसने एक डिजिटल स्लेट पर कुछ लिखा हुआ देखा। लड़कों के एक ग्रुप ने कुछ ऐसा लिखा था, जिससे वह परेशान और शर्मिंदा दिखी। उसने क्लासमेट्स से उस लिखी हुई चीज को मिटाने या न लिखने की गुजारिश की। रिपोर्ट के अनुसार, इस नाजुक मोड़ पर टीचर के हस्तक्षेप की सख्त जरूरत थी, लेकिन वह नहीं हुआ।nnअमायरा के माता-पिता ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी बेटी को अश्लील इशारों के साथ बुली किया जा रहा था, चिढ़ाया जा रहा था और गाली-गलौज की जा रही थी। बार-बार शिकायत करने के बावजूद स्कूल अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। CBSE की रिपोर्ट ने भी इस बात की पुष्टि की है कि अमायरा को 18 महीने तक बदमाशी का सामना करना पड़ा और उसकी शिकायतों को क्लास टीचर पुनीता शर्मा ने बार-बार नजरअंदाज किया।nnइस घटना ने शिक्षा प्रणाली में बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक मासूम की जान जाने के बाद सामने आई यह रिपोर्ट शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर भी प्रश्नचिह्न लगाती है। बच्ची का यह कदम, जिसे बहुत ज्यादा सदमा और मानसिक उत्पीड़न झेलना पड़ा, पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है।”
कड़वा सच है।”
सामने वाली सच्चाई है।
