जयपुर स्कूल में 18 महीने तक बदसलूकी, CBSE की जांच में स्कूल पर गंभीर आरोप
जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल में पढ़ने वाली चौथी कक्षा की एक छात्रा, जिसने कुछ हफ़्ते पहले आत्महत्या कर ली, पिछले 18 महीनों से कक्षा में सहपाठियों द्वारा लगातार बदसलूकी और “बुरे शब्दों” का शिकार हो रही थी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा की गई जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि स्कूल प्रबंधन ने इस गंभीर मामले में हस्तक्षेप करने में घोर लापरवाही बरती।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा ने बार-बार अपनी कक्षा अध्यापिका से इस बारे में शिकायत की थी, लेकिन उसे कोई सहायता देने के बजाय डांटा गया और सहपाठियों के साथ “समझौता” करने के लिए कहा गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि छात्रा के माता-पिता ने भी लगभग 18 महीनों तक स्कूल में बदसलूकी और चिढ़ाने की शिकायतों को लेकर बार-बार संपर्क किया, लेकिन स्कूल ने अनसुनी कर दी।
रिपोर्ट में कक्षा अध्यापिका, पुनीता शर्मा, के हवाले से बताया गया है कि छात्रा ने उन्हें एक सहपाठी द्वारा “बुरे शब्दों” के प्रयोग के बारे में सूचित किया था। यह भी सामने आया है कि छात्रा ने अपनी अध्यापिका से पांच बार संपर्क किया और अंतिम 45 मिनट तक लगातार मदद की गुहार लगाई, लेकिन उसे कोई मदद नहीं मिली। इसके विपरीत, अध्यापिका ने समस्या को नजरअंदाज कर दिया और कई बार चिल्लाईं, जिससे पूरा वर्ग हैरान रह गया।
इस गंभीर लापरवाही और छात्रा के लंबे समय तक चले उत्पीड़न के मद्देनजर, बोर्ड ने स्कूल प्रबंधक को “घोर उल्लंघन” के लिए नोटिस जारी किया है और 30 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। यह घटना स्कूल में बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है, और ऐसे मामलों में स्कूलों की जिम्मेदारी पर भी प्रकाश डालती है।
