अमरोहा: 15 माह बाद दुकानदार की मौत पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज
उत्तर प्रदेश के अमरोहा जनपद में 15 महीने पहले हुई एक दुकानदार की मौत के मामले में पुलिस ने अब गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। यह मामला पैसों के विवाद को लेकर हुई मारपीट से जुड़ा है, जिसके करीब पांच घंटे बाद उपचार के दौरान दुकानदार की जान चली गई थी। शुरुआत में पुलिस ने मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया था, लेकिन मृतक के परिजनों द्वारा लगातार की गई पैरवी और अदालत के हस्तक्षेप के बाद अब पिता-पुत्र समेत तीन लोगों पर गैर-इरादतन हत्या का आरोप तय किया गया है।
यह घटना 24 अगस्त 2024 को डिडौली कोतवाली क्षेत्र के गांव हटव्वा में हुई थी। गांव के रहने वाले मोहम्मद सलमान घर में ही परचून की दुकान चलाते थे। घटना वाले दिन वह किसी काम से जोया गए हुए थे और दुकान पर उनके पिता मोहम्मद शाहिद को बैठाया गया था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाली फहमीदा नामक महिला दुकान से सामान लेने आई। आरोप है कि सामान लेने के बाद फहमीदा ने पैसे नहीं दिए, जिस पर मोहम्मद शाहिद ने उनसे पैसे मांगे। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई।
कहासुनी के बाद फहमीदा ने अपने परिवार के महबूब और उसके बेटे जीशान को बुला लिया। आरोप है कि तीनों ने मिलकर मोहम्मद शाहिद के साथ बेरहमी से मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर मारपीट का मामला दर्ज कर लिया था। घायल शाहिद को परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उपचार के दौरान करीब पांच घंटे बाद उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम भी कराया, लेकिन रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका।
मृतक दुकानदार के बेटे सलमान ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनके पिता के सीने पर कई वार किए थे, जिसके कारण उनकी मृत्यु हुई। सलमान ने इस संबंध में डिडौली कोतवाली और एसपी कार्यालय में भी शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद, सलमान ने जनवरी 2025 में अदालत का दरवाजा खटखटाया और न्याय की गुहार लगाई। अब घटना के 15 महीने बाद, अदालत के आदेश पर डिडौली पुलिस ने फहमीदा, जीशान और उसके पिता महबूब के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
क्षेत्राधिकारी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा ताकि मौत के वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके।
