57 वर्षीय कौशल कुमार ने गोवा में रचा इतिहास, बने मेरठ के पहले एमईएस सिविलियन ‘आयरनमैन’
मेरठ के मानसरोवर निवासी और सैन्य अभियंता सेवा (एमईएस) में निदेशक के पद पर कार्यरत 57 वर्षीय कौशल कुमार यादव ने उम्र को सिर्फ एक संख्या साबित करते हुए गोवा में आयोजित प्रतिष्ठित ‘आयरनमैन 70.3’ प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने 113 किलोमीटर (70.3 मील) की यह कठिन ट्रायथलॉन 7 घंटे 45 मिनट 5 सेकंड में पूरी कर ‘आयरनमैन’ का खिताब अपने नाम किया है। यह उपलब्धि उन्हें मेरठ का पहला एमईएस सिविलियन अधिकारी बनाती है जिसने यह प्रतिष्ठित खिताब हासिल किया है।
इस चुनौतीपूर्ण स्पर्धा में प्रतिभागियों को 1.9 किलोमीटर समुद्र में तैरना, 90 किलोमीटर साइकिल चलाना और अंत में 21.1 किलोमीटर (हाफ मैराथन) की दौड़ पूरी करनी होती है। कौशल कुमार यादव ने इस संपूर्ण सफर को तय करने में असाधारण धैर्य और शारीरिक क्षमता का परिचय दिया। उन्होंने 1.9 किमी की तैराकी 51.12 मिनट में, 90 किमी की साइकिलिंग 3 घंटे 36.38 मिनट में, और 21.1 किमी की दौड़ 3 घंटे 00.15 सेकंड में पूरी की।
31 देशों के लगभग 1,300 प्रतिभागियों के बीच, कौशल कुमार यादव ने 513वां स्थान हासिल किया, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्होंने अपनी 55-59 आयु वर्ग श्रेणी में 14वां स्थान प्राप्त किया, जो उनकी उम्र को मात देने वाली फिटनेस और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।
कौशल कुमार यादव, जो वर्ष 2000 यूपीएससी बैच के ग्रुप ‘ए’ अधिकारी हैं, ने भोपाल के ट्राईजी एथलीट्स के कोच जमरान के मार्गदर्शन में इस प्रतियोगिता की तैयारी की। उनकी फिटनेस यात्रा 2008 में शुरू हुई थी और पिछले कुछ वर्षों में यह और भी मजबूत हुई है। उनकी यह सफलता दर्शाती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और सही प्रशिक्षण के साथ, उम्र किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने में बाधा नहीं बन सकती।
मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विसेज (एमईएस) से कुल पांच प्रतिभागियों ने इस स्पर्धा में भाग लिया था और सभी ने सफलतापूर्वक इसे पूरा किया। एमईएस ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर इन सभी पांचों ‘आयरनमैन’ की तस्वीरें और उपलब्धियों को साझा करते हुए उन्हें बधाई दी है। कौशल कुमार यादव की यह उपलब्धि समर्पण, अनुशासन और अटूट दृढ़ संकल्प का एक प्रेरणादायक उदाहरण है, जो हर उम्र के लोगों को अपने स्वास्थ्य और फिटनेस लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेगी।
