ट्रेनों में लूट करने वाले शातिर गैंगस्टर को साढ़े तीन साल की जेल
ट्रेनों में यात्रियों को लूटने और ठगी करने वाले एक शातिर गैंगस्टर को अदालत ने कड़ी सजा सुनाई है। एडीजे चतुर्थ गैंगस्टर कोर्ट के न्यायाधीश अरविंद कुमार यादव ने मुरारी पुत्र नवल सिंह निवासी करीमुल्लावास, थाना कोसीकलां को साढ़े तीन वर्ष के कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह गैंगस्टर गिरफ्तारी के बाद से ही जेल में निरुद्ध है।
शासन की ओर से इस मुकदमे की पैरवी विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर शैलेंद्र कुमार गौतम ने की। सूत्रों के अनुसार, यह गैंगस्टर गिरोह बनाकर ट्रेनों में लूटपाट, छिनैती और चोरी जैसी वारदातों को अंजाम देता था। तत्कालीन जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक रणवीर सिंह ने 15 जून 2022 को इस गैंगस्टर के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी।
विवेचक देवेंद्र द्विवेदी ने मामले की जांच के बाद मुरारी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। तब से ही मुरारी लगातार जेल में अपनी सजा काट रहा है। मुकदमे की सुनवाई एडीजे चतुर्थ गैंगस्टर कोर्ट में हुई, जहाँ जीआरपी थाने के पैरोकार मुनेश ने प्रभावी तरीके से पैरवी की।
विशेष लोक अभियोजक गैंगस्टर शैलेंद्र कुमार गौतम ने बताया कि अदालत ने मुरारी को गिरोह बनाकर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने का दोषी पाया। इसके चलते उसे तीन वर्ष, पांच माह और 15 दिन के साधारण कारावास के साथ पांच हजार रुपये का अर्थदंड सुनाया गया है। अभियुक्त अपनी गिरफ्तारी के समय से ही लगातार जेल में है।
जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक यादराम सिंह ने बताया कि मुरारी एक अत्यंत शातिर किस्म का अपराधी है। वह एक गिरोह बनाकर ट्रेनों में लूट, चोरी और छिनैती जैसी वारदातों को अंजाम देता था। उसके खिलाफ थाने में कई आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं, जिनकी सुनवाई वर्तमान में विभिन्न अदालतों में चल रही है। इस सजा से यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
