शनिवार को करें शनिदेव और हनुमान जी की पूजा, बरसेगी कृपा
शनिवार, 22 नवंबर को अगहन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया और तृतीया तिथि का विशेष संयोग बन रहा है। इस शुभ दिन पर भक्तजन न्याय के देवता शनि देव और वीर बजरंगी हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगे। इस अवसर पर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी के भक्तों पर शनि देव की असीम कृपा बरसती है। इसका कारण यह है कि शनि देव ने स्वयं हनुमान जी को यह वचन दिया था कि वे उनके भक्तों को कभी कोई कष्ट नहीं पहुंचाएंगे। यह वचन हनुमान जी द्वारा किसी विशेष परिस्थिति में शनि देव की रक्षा करने के एवज में दिया गया था। इसलिए, जो भक्त पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ हनुमान जी की भक्ति करते हैं, उन्हें शनि देव की कुदृष्टि से सुरक्षा मिलती है और उनकी कृपा प्राप्त होती है।
इस शुभ अवसर पर शनि देव और हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए कुछ विशेष मंत्रों का जप भी किया जा सकता है। इन मंत्रों के जाप से शनि दोषों का निवारण होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
हनुमान जी के शरणागत रहने वाले साधकों के लिए शनि देव की कृपा प्राप्ति का मार्ग सुगम हो जाता है। उनकी भक्ति में लीन रहने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या जैसी बाधाओं से भी मुक्ति मिलती है। इस दिन विशेष रूप से निम्नलिखित मंत्रों का जाप करने की सलाह दी जाती है:
अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहम्
दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम् ।
सकलगुणनिधानं वानराणामधीशम्
रघुपतिप्रियभक्तं वातजातं नमामि।।
ॐ ऐं ह्रीं हनुमते श्री रामदूताय नमः
इन मंत्रों के अतिरिक्त, शनि देव के बीज मंत्र ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ का जाप भी लाभकारी सिद्ध होता है। इस प्रकार, शनिवार को शनि देव और हनुमान जी की आराधना कर भक्तगण अपने जीवन को कष्टों से मुक्त कर सकते हैं और सौभाग्य की प्राप्ति कर सकते हैं।
