0

“title”: “नाबालिग की सहमति पर दिल्ली HC की अहम टिप्पणी, FIR रद्द करने से इनकार”,

By Nov 20, 2025

“subtitle”: “अदालत ने कहा, 18 साल से कम उम्र की लड़की की सहमति POCSO एक्ट के तहत मान्य नहीं”,

“summary”: “दिल्ली हाई कोर्ट ने POCSO एक्ट से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि 18 साल से कम उम्र की लड़की, भले ही वह लगभग बालिग हो, की सहमति यौन संबंध के लिए मान्य नहीं है। अदालत ने इस आधार पर आरोपी के खिलाफ FIR रद्द करने से इनकार कर दिया कि पीड़िता अब केस बंद करना चाहती है।”,

“content”: “दिल्ली हाई कोर्ट ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत दर्ज एक FIR को रद्द करने से इनकार करते हुए एक महत्वपूर्ण कानूनी टिप्पणी की है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि कोई लड़की 18 वर्ष से कम आयु की है, तो उसकी सहमति को POCSO अधिनियम के तहत यौन संबंध के लिए मान्य नहीं माना जाएगा, भले ही वह लगभग बालिग होने की उम्र के करीब हो।nnन्यायमूर्ति संजीव नरुला की पीठ ने कहा कि भारतीय दंड संहिता (IPC) और POCSO अधिनियम के प्रावधानों के तहत, 18 वर्ष से कम उम्र के व्यक्ति के साथ कोई भी यौन कृत्य एक अपराध माना जाता है। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि संसद द्वारा निर्धारित 18 वर्ष की आयु सीमा के नीचे, कानून किसी भी प्रकार की यौन सहमति को मान्यता देने से इनकार करता है।nnअदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी नाबालिग के साथ रिश्ते के बाद कोई बच्चा पैदा होता है और पीड़िता उस समय इस रिश्ते को अपनी मर्जी से बताती है या केस बंद करने की मांग करती है, तो भी इसे आरोपी को आपराधिक दायित्व से बचाने के आधार के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। पीठ ने कहा कि एक बार जब यह साबित हो जाता है कि पीड़िता की उम्र घटना के समय 18 साल से कम थी, तो नाबालिग की सहमति को आपराधिक दायित्व से बचाव के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।nnयह टिप्पणी एक ऐसे मामले में की गई जहां आरोपी और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ POCSO अधिनियम और बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई थी। याचिका के अनुसार, लड़की उस समय 16 साल और 5 महीने की थी। पीड़िता ने बच्चे के साथ अदालत में पेश होकर कहा कि यह रिश्ता उसकी मर्जी से था और इसलिए उसने केस बंद करने की मांग की।nnयाचिका खारिज करते हुए, पीठ ने टिप्पणी की कि पीड़ित को उसके बच्चे के साथ देखकर यह स्पष्ट था कि मामला एक युवा परिवार की स्थिरता से जुड़ा है। अदालत ने माना कि यह मामला POCSO अधिनियम के कानूनी ढांचे और वास्तविक जीवन की परिस्थितियों के बीच एक तनाव को दर्शाता है। पीठ ने यह भी कहा कि मौजूदा मामले में उम्र तय करना मुख्य मुद्दा नहीं है, क्योंकि रिकॉर्ड से यह स्पष्ट है कि पीड़ित बच्ची थी और POCSO अधिनियम के तहत, जब पीड़ित बच्ची हो तो कानून सहमति की कमी को एक महत्वपूर्ण कारक नहीं मानता है।nnअदालत ने निष्कर्ष निकाला कि एक बार यह मान लिया जाता है कि उस समय लड़की की उम्र 18 साल से कम थी, तो मामला पूरी तरह से POCSO अधिनियम के दायरे में आता है। अदालत ने यह भी पाया कि प्रक्रिया का कोई दुरुपयोग नहीं हुआ था, इसलिए FIR को रद्द करने की कोई गुंजाइश नहीं है।”

About

Journalist covering latest updates.

अगली खबरें

दिल्ली: छात्र की आत्महत्या पर प्रिंसिपल और तीन शिक्षक निलंबित, FIR दर्ज

दिल्ली के एक प्रतिष्ठित स्कूल में 16 वर्षीय छात्र की आत्महत्या ने पूरे शिक्षा जगत को झकझोर कर रख दिया है। छात्र द्वारा कथित तौर पर स्कूल स्टाफ द्वारा उत्पीड़न का शिकार होने की बात...
By Nov 20, 2025

कनाडा में रह रहे दंपती को दिल्ली HC से बड़ी राहत, वर्चुअल पेशी को मिली मंजूरी

दिल्ली हाई कोर्ट ने एक अहम फैसले में कनाडा में रह रहे एक दंपती को बड़ी राहत दी है। अदालत ने कहा है कि वीजा और संबंधित प्रक्रियाओं के लिए वर्चुअल स्पष्टीकरण पर्याप्त है, जिससे...
By Nov 20, 2025

हाई कोर्ट ने BJP प्रवक्ता पर ट्रायल कोर्ट की कार्रवाई रोकी, अगली सुनवाई 23 मार्च को

दिल्ली हाई कोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर के खिलाफ निचली अदालत (ट्रायल कोर्ट) में चल रही कार्यवाही पर तत्काल रोक लगा दी है। यह रोक 23 मार्च को होने...
By Nov 20, 2025

भारत-बांग्लादेश NSA की मुलाकात: द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर

नई दिल्ली में भारत और बांग्लादेश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (एनएसए) के बीच एक अहम बैठक संपन्न हुई, जिसने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम...
By Nov 20, 2025

राज्यपालों व राष्ट्रपति के विधेयकों पर समयसीमा तय नहीं कर सकता सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने राज्य विधानसभाओं द्वारा पारित विधेयकों पर राज्यपालों और राष्ट्रपति की मंजूरी के संबंध में महत्वपूर्ण संवैधानिक स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि इसके लिए कोई निश्चित समयसीमा तय नहीं...
By Nov 20, 2025

पश्चिमी दिल्ली में युवक की गोली मारकर हत्या, तीन नाबालिग गिरफ्तार

पश्चिमी दिल्ली के रणहौला थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई जब एक युवक, जिसकी पहचान नितिन के रूप में हुई है, की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई। घटना बुधवार शाम करीब...
By Nov 20, 2025

आतंकवाद की नई चाल: दिल्ली हमले ने बढ़ाई चिंता, सतर्कता जरूरी

भारत के प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र को संबोधित करने वाले लाल किले के निकट हुआ आतंकी हमला कई गंभीर सवाल खड़े करता है। हालाँकि सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी साजिश को नाकाम कर...
By Nov 20, 2025

प्रदूषण की सीमाएं नहीं, एयरशेड मॉडल से समाधान की जरूरत

वायु प्रदूषण की समस्या किसी एक देश या भौगोलिक सीमा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इंडो-गंगा मैदान, हिमालय की तराई और हिंदू कुश हिमालय जैसे बड़े क्षेत्रों को प्रभावित करती है। इस जटिल चुनौती...
By Nov 20, 2025

साझा करें