गाजियाबाद: 2003 की वोटर लिस्ट से मतदाताओं को ढूंढने में बीएलओ परेशान
गाजियाबाद जनपद में मतदाता सत्यापन (एसआईआर) अभियान के तहत इंदिरापुरम के शिप्रा सन सिटी में बीएलओ को एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। अधिकांश बीएलओ नियमित रूप से अपने कार्यस्थल पर पहुंच रहे हैं, लेकिन 2003 की पुरानी मतदाता सूची के आधार पर मतदाताओं को ढूंढना उनके लिए एक सिरदर्द साबित हो रहा है।
स्थानीय पार्षद संजय सिंह ने इस समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि मतदाता सूची में कई गंभीर त्रुटियां हैं। वर्ष 2003 की सूची के अनुसार, शिप्रा सन सिटी में रहने वाले लगभग 60 प्रतिशत लोग अब वहां निवास नहीं करते हैं। इनमें से कई परिवार शहर के अन्य हिस्सों में स्थानांतरित हो गए हैं, जबकि कुछ अन्य जगहों पर रहने चले गए हैं। इस वजह से बीएलओ को वास्तविक मतदाताओं तक पहुंचने में भारी कठिनाई हो रही है।
समस्या केवल मतदाताओं के पलायन तक ही सीमित नहीं है। बीएलओ को सड़कों के नाम न मिलने से भी पते ढूंढने में दिक्कतें आ रही हैं। विशेष रूप से फेस-2 जैसे इलाकों में जहां कई सड़कें हैं, उनके नाम सूची में स्पष्ट रूप से अंकित नहीं हैं, जिससे सत्यापन प्रक्रिया और जटिल हो जाती है। इस संबंध में जल्द ही उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) से वार्ता की जाएगी, ताकि इस समस्या का समाधान निकाला जा सके।
यह स्थिति मतदाता सूची की शुचिता और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। जहां एक ओर मतदाताओं को अपने नाम सत्यापन के लिए प्रेरित किया जा रहा है, वहीं पुरानी और त्रुटिपूर्ण सूचियों का उपयोग इस प्रक्रिया को बाधित कर रहा है। उम्मीद है कि प्रशासनिक स्तर पर इस मामले को गंभीरता से लिया जाएगा और बीएलओ को सुगम तरीके से कार्य करने के लिए आवश्यक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
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वोटर लिस्ट से नाम कटने का डर, बीएलओ नदारद, मतदाता परेशान
