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झारखंड में बीएलओ की दस्तक: मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की तैयारी जोरों पर

By Nov 20, 2025

झारखंड में मतदाता सूची को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाने की दिशा में बूथ-लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं। यह कवायद विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की तैयारी का हिस्सा मानी जा रही है, जिसकी तारीखों की घोषणा जल्द ही चुनाव आयोग द्वारा की जाएगी। हालांकि, वर्तमान में चल रहे SIR अभियान में झारखंड सीधे तौर पर शामिल नहीं है, फिर भी राज्य में हो रही यह मैपिंग और दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया आगामी पुनरीक्षण की ओर स्पष्ट संकेत दे रही है।

बोकारो जिले के बेरमो अंचल में बीएलओ सक्रिय रूप से मतदाताओं के घरों का दौरा कर रहे हैं। इस दौरान, वे मतदाताओं की मैपिंग कर रहे हैं और आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन कर रहे हैं। यह प्रक्रिया फरवरी 2026 तक पूरी होने की संभावना है। बीएलओ मतदाताओं को यह भी सूचित कर रहे हैं कि यदि उनके माता-पिता का नाम 2003 की बूथ या विधानसभा मतदाता सूची में नहीं था, तो दादा-दादी का नाम होना अनिवार्य माना जाएगा।

बेरमो अंचल कार्यालय ने यह स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी भी मतदाता का नाम सूची से हटाने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। यदि किसी मतदाता के पास आवश्यक दस्तावेज नहीं पाए जाते हैं, तो उन्हें पहले एक पुन: नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद भी यदि वे दस्तावेज जमा नहीं करते हैं, तो चुनाव आयोग इसी आधार पर अंतिम निर्णय लेगा। यह भी महत्वपूर्ण है कि नाम हटाए जाने की स्थिति में भी, सरकारी योजनाओं जैसे वृद्धा पेंशन, राशन कार्ड आदि से वंचित करने का कोई निर्देश नहीं है। वर्तमान में, बीएलओ पूरी निगरानी और सटीकता के साथ यह सत्यापन कार्य कर रहे हैं ताकि आगामी SIR अभियान पारदर्शी और त्रुटिहीन हो सके।

विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को घर-घर जाकर बड़े पैमाने पर सत्यापित करने की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसका मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन, सटीक और विश्वसनीय बनाना है। इसके तहत योग्य मतदाताओं को सूची में शामिल किया जाता है और गलत या डुप्लिकेट प्रविष्टियों को हटाया जाता है। SIR का पहला चरण बिहार में संपन्न हो चुका है, जबकि दूसरा चरण नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहा है। इन 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, गोवा, पुडुचेरी, अंडमान एवं निकोबार द्वीप और लक्षद्वीप शामिल हैं। इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत लगभग 51 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन किया जा रहा है, और इस चरण की अंतिम मतदाता सूची 7 फरवरी 2026 को जारी होने की योजना है।

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