सपा विधायक सुधाकर सिंह का निधन: घोसी में शोक की लहर
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और घोसी विधानसभा सीट से विधायक सुधाकर सिंह का 67 वर्ष की आयु में लखनऊ के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। गुरुवार की सुबह उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। विधायक सिंह की तबीयत मुख्तार अंसारी के बेटे के वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होकर लौटते समय अचानक खराब हो गई थी। वाराणसी एयरपोर्ट पर उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें पहले वाराणसी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए लखनऊ के मेदांता अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
सूत्रों के अनुसार, सुधाकर सिंह पिछले 10 वर्षों से हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। उनके निधन से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है, खासकर घोसी और मऊ जिले में।
सुधाकर सिंह का राजनीतिक सफर छात्र जीवन से ही शुरू हो गया था। 17 वर्ष की आयु में आपातकाल के दौरान जयप्रकाश नारायण के समग्र क्रांति आंदोलन में भाग लेने के कारण उन्हें जेल भी भेजा गया था। जेल से रिहा होने के बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला महामंत्री बने। 1977-78 और 1978-79 में वे सर्वोदय डिग्री कॉलेज घोसी के अध्यक्ष भी चुने गए।
उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कई महत्वपूर्ण चुनाव जीते। वर्ष 1996 में वे पहली बार नत्थूपुर (अब मधुबन) विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए। 2012 में उन्होंने तत्कालीन कैबिनेट मंत्री फागू चौहान को हराकर अपनी राजनीतिक ताकत का अहसास कराया। हाल ही में, 5 सितंबर 2023 को हुए घोसी उपचुनाव में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी और कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान को करारी शिकस्त देकर इंडी गठबंधन को एक बड़ी जीत दिलाई थी। यह जीत उनके राजनीतिक कद का एक बड़ा प्रमाण थी।
अपने लंबे राजनीतिक करियर में सुधाकर सिंह को अपनी दृढ़ विचारधारा के लिए जाना जाता था। उन्हें जिले के कद्दावर नेताओं में गिना जाता था, जिन्होंने कभी पार्टी नहीं बदली, हालांकि दो बार उन्हें पार्टी से निष्कासित भी होना पड़ा। जन समस्याओं को लेकर वे अक्सर धरना प्रदर्शन और आंदोलनों में सक्रिय रहते थे, जिसके चलते उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा। आज भी उनके खिलाफ विभिन्न अदालतों में कई मुकदमे विचाराधीन हैं। उनके निधन से पार्टी और समर्थकों में गहरा दुख है।
