UPPCL की नई योजना: बिजली बिल के मूल बकाया पर 25% छूट, सरचार्ज भी माफ
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन (UPPCL) ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत प्रदान करने के उद्देश्य से एक नई योजना की शुरुआत की है। ‘विद्युत बिल सुधार योजना-2025’ के तहत, उपभोक्ताओं को बिजली बिल के मूल बकाया राशि पर 25% की छूट दी जाएगी। इसके साथ ही, बकाया राशि को एकमुश्त जमा करने पर सरचार्ज (विलंबित भुगतान अधिभार) में शत-प्रतिशत छूट का प्रावधान किया गया है।
यह योजना विशेष रूप से उन उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित होगी जो विभिन्न कारणों से अपने बिजली बिल का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। बस्ती जोन में बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं जो बिजली का उपभोग तो कर रहे हैं, लेकिन बिल जमा नहीं कर रहे हैं। इस स्थिति को देखते हुए, विभाग ने उपभोक्ताओं को स्वयं बिल संशोधन कर भुगतान करने की सुविधा भी प्रदान की है। एक किलोवाट कनेक्शन वाले उपभोक्ता 144 यूनिट तक के बिल का भुगतान स्वयं ठीक करके कर सकते हैं, जिसके लिए उन्हें विभाग के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।
विद्युत वितरण बस्ती क्षेत्र के मुख्य अभियंता वीके गुप्ता के अनुसार, यह योजना 1 दिसंबर से शुरू हो रही है और पहले चरण में 31 दिसंबर तक पंजीकरण किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि यह योजना उन उपभोक्ताओं के लिए अत्यंत लाभकारी है जो किन्हीं कारणों से बिल जमा करने में असमर्थ हैं। इस योजना के माध्यम से विभाग का लक्ष्य बकाया राशि की वसूली को बढ़ाना और उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाना है।
योजना के तहत भुगतान के लिए तीन विकल्प दिए गए हैं। पहला विकल्प एकमुश्त भुगतान का है, जिसमें पंजीकरण कराने पर उपभोक्ता को विलंबित भुगतान अधिभार (सरचार्ज) पर शत-प्रतिशत छूट मिलेगी। दूसरे विकल्प में 750 रुपये मासिक और तीसरे विकल्प में 500 रुपये मासिक जमा करके किश्तों में भुगतान करने की सुविधा दी गई है। यह सुविधा विशेष रूप से दो किलोवाट के घरेलू उपभोक्ताओं और एक किलोवाट के वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए उपलब्ध होगी।
बस्ती जोन में लगभग 27.78 प्रतिशत ऐसे उपभोक्ता चिन्हित किए गए हैं जो बिजली का भरपूर उपयोग करने के बावजूद बिल जमा नहीं कर रहे हैं। ऐसे उपभोक्ताओं की संख्या लाखों में है। विभाग को उम्मीद है कि इस आकर्षक छूट और किश्तों की सुविधा से अधिक से अधिक उपभोक्ता आगे आकर अपने बकाया बिल का भुगतान करेंगे और बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सहयोग करेंगे।
