आगरा से दिल्ली तक भव्य नगर कीर्तन: सुरक्षा के कड़े इंतजाम, हर वाहन और श्रद्धालु की होगी जांच
सिख धर्म की नौवीं पातशाही और ‘हिंद की चादर’ के नाम से विख्यात गुरु तेग बहादुर साहिब के पावन बलिदान दिवस को समर्पित एक भव्य नगर कीर्तन 22 नवंबर को आगरा से नई दिल्ली तक निकाला जाएगा। यह पवित्र यात्रा सिकंदरा स्थित गुरुद्वारा गुरु का ताल से प्रारंभ होकर चांदनी चौक स्थित गुरुद्वारा शीशगंज साहिब तक पहुंचेगी। इस विशाल आयोजन में 100 से अधिक वाहनों के साथ सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।
हाल के सुरक्षा परिदृश्यों को देखते हुए, सिख समाज इस आयोजन की सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क है। दिल्ली में हुई हालिया घटनाओं के बाद, आयोजकों द्वारा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। नगर कीर्तन में शामिल होने वाले प्रत्येक व्यक्ति और वाहन का गहन सत्यापन किया जाएगा। गुरुद्वारा प्रबंधन ने योजना बनाई है कि केवल उन्हीं वाहनों को आयोजन में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी जिनके नंबर दर्ज किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं के पहचान पत्रों की भी जांच की जाएगी और पूर्ण सत्यापन के बाद ही उन्हें नगर कीर्तन में शामिल होने दिया जाएगा।
गुरुद्वारा प्रमुख संत बाबा प्रीतम सिंह ने बताया कि आगरा के गुरुद्वारा गुरु का ताल और गुरुद्वारा माईथान का गुरुद्वारा शीशगंज साहिब, दिल्ली से सीधा नाता रहा है। गुरुद्वारा गुरु का ताल पर गुरु साहिब ने अपनी गिरफ्तारी दी थी, जबकि गुरुद्वारा शीशगंज साहिब में उन्होंने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। 350वें बलिदान शताब्दी के अवसर पर, इन दोनों पवित्र स्थानों को जोड़ने के उद्देश्य से यह नगर कीर्तन पहली बार आयोजित किया जा रहा है।
आयोजन में शामिल होने वाले सभी वाहनों को निर्धारित मार्ग और अनुशासन का सख्ती से पालन करना होगा। श्रद्धालुओं के बीच व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष सेवादारों की तैनाती की जाएगी। पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं।
मीडिया प्रभारी जसबीर सिंह जस्सी ने जोर देकर कहा कि यह यात्रा गुरु तेग बहादुर साहिब की बलिदानी परंपरा और मानवता की रक्षा के संदेश का प्रतीक है। इसलिए, इसका शांतिपूर्ण और सुरक्षित आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस व्यापक स्तर पर हो रहे नगर कीर्तन में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि कोई भी संदेहास्पद व्यक्ति या असत्यापित वाहन इसमें शामिल न हो सके।
गुरुद्वारा प्रबंधन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सत्यापन प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग करें और अनुशासन बनाए रखते हुए इस पवित्र यात्रा को सफल बनाने में अपना योगदान दें। नगर कीर्तन में धार्मिक कीर्तन जत्थे, सजाए हुए वाहन, सेवा दल और विभिन्न शहरों से आने वाले श्रद्धालु शामिल होंगे। इससे पूर्व गुरुद्वारा परिसर में आरंभिक अरदास और कीर्तन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
ताजमहल सहित सभी स्मारक 19 नवंबर को निःशुल्क, विश्व धरोहर सप्ताह का भव्य शुभारंभ
नशा मुक्त भारत अभियान: अंबेडकर विश्वविद्यालय के छात्रों ने लिया संकल्प
आगरा: बाराती हत्याकांड में ग्रामीणों का हंगामा, MLC पर बचाने का आरोप
विश्वविद्यालय के अतिथि प्रवक्ता पर छात्राओं को अश्लील मैसेज भेजने का आरोप, जांच शुरू
बेटे की हत्या: नशेड़ी पिता को आजीवन कारावास, 55 हजार का जुर्माना
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर बस पलटी: शिवहर के 4 वर्षीय बच्चे की मौत, गांव में मातम
खेल-खेल में मासूम की मौत, पानी भरी बाल्टी बनी काल
जमीन विवाद में न्याय न मिलने पर महिला ने डीएम कार्यालय में किया आत्मदाह का प्रयास
