शेख हसीना के मृत्युदंड पर यूनुस की पहली प्रतिक्रिया, फैसले को बताया न्यायसंगत
बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने सोमवार को अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके सहयोगियों के खिलाफ न्यायाधिकरण द्वारा सुनाए गए मृत्युदंड के फैसले का स्वागत किया है। सूत्रों के अनुसार, यूनुस ने कहा कि यह फैसला देश की अदालतों द्वारा सुनाई गई एक स्पष्ट घोषणा है, जिसकी गूंज पूरे देश में और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुनाई देगी।
उन्होंने इस फैसले को कानून के शासन की पुष्टि के रूप में देखा, यह दोहराते हुए कि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है। यूनुस ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि यह निर्णय उन हजारों पीड़ितों और उनके परिवारों के लिए न्याय का एक महत्वपूर्ण कदम है जिन्होंने वर्षों से उत्पीड़न का सामना किया है।
मुख्य सलाहकार ने कहा, “करीब 1,400 लोगों की जान चली गई। ये केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि अनगिनत छात्रों, अभिभावकों और आम नागरिकों की जानें थीं। महीनों तक चली गवाही में यह स्पष्ट हुआ कि कैसे निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर घातक बल का प्रयोग किया गया था।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश अब उत्पीड़न के वर्षों से ध्वस्त हुई लोकतांत्रिक नींव के पुनर्निर्माण की राह पर खड़ा है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश की राजनीति में उथल-पुथल का माहौल है। शेख हसीना और उनके सहयोगियों के खिलाफ यह निर्णय देश में कानून के शासन को स्थापित करने और पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यूनुस के इस बयान से स्पष्ट है कि वर्तमान सरकार इस फैसले को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रही है।
