गोंडा में वायरल बुखार और संक्रमण का कहर, एक सप्ताह में 17 मौतें
गोंडा जिले में इंफेक्शन और वायरल बुखार ने लोगों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। पिछले एक सप्ताह में इस गंभीर स्थिति के कारण 17 लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे ग्रामीण इलाकों में भय व्याप्त है। स्वास्थ्य विभाग ने आनन-फानन में मेडिकल टीमें भेजकर स्थिति की जांच शुरू कर दी है और लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है।
दिन में गर्मी और रात में मौसम ठंडा होने जैसे लगातार हो रहे बदलावों ने बीमारियों को तेजी से बढ़ावा दिया है। सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बाबू ईश्वर शरण चिकित्सालय की ओपीडी में प्रतिदिन 2000 से 2200 मरीज परामर्श के लिए पहुंच रहे हैं। बीते एक सप्ताह में बुखार, सांस लेने में दिक्कत और अन्य बीमारियों से 17 रोगियों की मौतें दर्ज की गई हैं।
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक पर दिख रहा है। दिन में तेज धूप और शाम को बढ़ती हल्की ठंड के कारण बुजुर्ग और बच्चे वायरल, सर्दी-जुकाम और निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। लोगों में गले में खराश के साथ सांस फूलने की दिक्कत भी बढ़ी है। सिरदर्द की शिकायत लेकर आने वाले कई रोगियों का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ पाया गया है, वहीं वायरल फीवर के कई मरीजों का शुगर लेवल भी बढ़ा हुआ मिल रहा है।
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध बाबू ईश्वर शरण चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आफताब आलम ने बताया कि थोड़ी सी लापरवाही गंभीर परेशानी का कारण बन सकती है। उन्होंने नवजात बच्चों के मामलों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी, क्योंकि धूल से उनकी नसें प्रभावित हो सकती हैं। सहायक आचार्य व चेस्ट रोग विशेषज्ञ डॉ. रमेश पांडेय ने कहा कि मौसम बदलने से सांस की नलियों में सिकुड़न आने लगती है। इसलिए हर हाल में एलर्जी से बचना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि इस मौसम में हृदय और अस्थमा के मरीजों को अधिक परेशानी होती है। मेडिकल कॉलेज के सहायक आचार्य डॉ. एजाज अहमद ने सलाह दी कि शीघ्र थकान और सांस फूलने जैसे लक्षण दिखते ही व्यक्ति को तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए।
स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण रोगियों की संख्या बढ़ी है। अस्पताल में सांस, हृदय, शुगर, इंफेक्शन, खांसी और बुखार के मरीज आ रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि मेडिकल कॉलेज से संबद्ध चिकित्सालय में पर्याप्त दवाएं उपलब्ध हैं और चिकित्सकों को मरीजों को बेहतर उपचार प्रदान करने का निर्देश दिया गया है।
