चंबल नदी पर पांटून पुल के मरम्मत कार्य को वन विभाग ने रोका, सांसद के दखल के बाद शुरू हुआ काम | agra news
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित चंबल नदी के पिनाहट घाट पर पांटून पुल के निर्माण और मरम्मत कार्य को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। तय समय सीमा के मुताबिक यह पुल 15 अक्टूबर तक शुरू हो जाना चाहिए था, लेकिन प्रशासनिक और विभागों की सुस्ती के चलते काम काफी पिछड़ गया। व्यापारियों के विरोध प्रदर्शन और बाजार बंद के बाद जब काम ने गति पकड़ी, तो मध्य प्रदेश के वन विभाग ने इसमें रोड़ा अटका दिया।
मंगलवार को अम्बाह क्षेत्र के वन विभाग की टीम ने चंबल घाट पहुंचकर पुल के दूसरे छोर पर चल रहे मरम्मत कार्य को बलपूर्वक बंद करवा दिया। आरोप है कि विभाग के अधिकारियों ने सीमा विवाद का हवाला देते हुए वहां रखी बालू और मिट्टी की बोरियों को फेंक दिया और काम में लगे कर्मचारियों को कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। इससे स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति बन गई और काम चार घंटे तक ठप रहा।
वन विभाग की इस कार्रवाई से गुस्साए तटीय इलाकों के ग्रामीणों ने भाजपा नेताओं के नेतृत्व में अम्बाह वन विभाग कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। स्थिति बिगड़ती देख मामले की जानकारी मुरैना सांसद शिव मंगल तोमर को दी गई। सांसद के निर्देश और हस्तक्षेप के बाद वन विभाग पीछे हटने को मजबूर हुआ, जिसके बाद शाम चार बजे के करीब पुल की मरम्मत का काम दोबारा शुरू कराया जा सका। इस तरह की प्रशासनिक खींचतान से आम जनता को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
