अरुणाचल प्रदेश में सियांग बांध परियोजना के विरोध में क्यों उतरा आदि समुदाय | india national news
अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी सियांग जिले में प्रस्तावित 11,200 मेगावाट की ‘सियांग अपर मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट’ (SUMP) को लेकर तनाव गहरा गया है। चीन द्वारा तिब्बत में ब्रह्मपुत्र नदी पर बनाए जा रहे विशाल बांध के मुकाबले भारत अपनी जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह रणनीतिक परियोजना लाना चाहता है। हालांकि, इस परियोजना के खिलाफ स्थानीय ‘आदि’ समुदाय और युवा वर्ग खुलकर सामने आ गए हैं, जिनका मानना है कि यह विशाल बांध उनकी पीढ़ियों पुरानी बस्तियों, संस्कृति और पर्यावरण को नष्ट कर देगा।
हाल ही में यह विरोध प्रदर्शन उस समय हिंसक हो गया जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुईं। इसके बाद सरकारी कार्यालयों, पुलिस थाने और बांध निर्माण से जुड़ी एजेंसी के दफ्तर में तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को तैनात किया गया है और जिला प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है।
एक तरफ जहां मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने स्पष्ट किया है कि अभी तक निर्माण को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है और पर्यावरण व सामाजिक प्रभावों का आकलन किया जाएगा, वहीं स्थानीय संगठनों का कहना है कि वे किसी भी कीमत पर ‘प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट’ को स्वीकार नहीं करेंगे। इस विवाद के कारण क्षेत्रीय विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच एक बड़ा संतुलन बनाने की चुनौती खड़ी हो गई है, जिसका सीधा असर स्थानीय जनजीवन पर पड़ रहा है।
