आजमगढ़ वोटर लिस्ट गड़बड़ी में पांच बीएलओ समेत नौ कर्मचारी निलंबित, जांच का दायरा बढ़ा | azamgarh news
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आने के बाद निर्वाचन विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। समाजवादी पार्टी द्वारा उठाए गए मामलों के बाद निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी से रिपोर्ट तलब की थी, जिसमें वोटर लिस्ट में गंभीर खामियां पाई गईं।
जांच के दौरान यह बात सामने आई कि ‘विकास यादव’ नाम मतदाता सूची में 13 अलग-अलग स्थानों पर दर्ज था। इनमें से एक प्रविष्टि गोरखपुर के चौरीचौरा विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी थी, जबकि आजमगढ़ की प्रविष्टियों की गहनता से जांच की गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि इनमें से 10 लोगों के नाम गलत तरीके से दर्ज किए गए थे, जिन्हें सुधारने के लिए फॉर्म-8 भरवाया गया है। इस तरह की प्रशासनिक चूक से चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं, जिसका सीधा असर आम नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर पड़ता है।
लापरवाही सामने आने के बाद निर्वाचन विभाग ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई शुरू कर दी है। कंप्यूटर सहायक और पांच बूथ लेवल अधिकारियों को दोषी मानते हुए वोटर लिस्ट के कार्य से हटा दिया गया है। इन सभी को सेवा समाप्ति का नोटिस देने के साथ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा-32 के तहत कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, तत्कालीन निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और दो सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को भी लापरवाही और पर्यवेक्षण में शिथिलता के लिए विभागीय आरोप पत्र जारी किए जा रहे हैं।
इस घटना के बाद राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। निर्वाचन विभाग ने अब आजमगढ़ जिले की अन्य विधानसभा सीटों की मतदाता सूचियों की भी गहन जांच के आदेश दिए हैं। जिला प्रशासन को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है, ताकि भविष्य में इस तरह की त्रुटियों को पूरी तरह रोका जा सके।
