मेरठ ड्रम हत्याकांड: फांसी की सजा के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे मुस्कान और साहिल | meerut news
मेरठ में हुए बहुचर्चित नीले ड्रम हत्याकांड के मामले में मौत की सजा पाने वाले दोषी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला ने न्याय की उम्मीद में अब इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया है। दोनों ने निचली अदालत द्वारा दिए गए फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। इस कानूनी कदम के बाद एक बार फिर यह वीभत्स मामला सुर्खियों में आ गया है, जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया था।
यह पूरा मामला मर्चेंट नेवी कर्मी सौरभ राजपूत की हत्या से जुड़ा हुआ है। मार्च 2025 में हुई इस खौफनाक वारदात के बाद पुलिस ने खुलासे करते हुए सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके साथी साहिल शुक्ला को गिरफ्तार किया था। लंबी चली कानूनी प्रक्रिया और करीब 13 महीने तक चली सुनवाई के दौरान अदालत में कुल 126 पेशियां हुईं। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए 22 गवाहों, सबूतों और तमाम बयानों के आधार पर मेरठ की जिला अदालत ने 14 अक्टूबर को दोनों को मौत की सजा सुनाई थी।
अब हाईकोर्ट में दाखिल की गई अपील में केवल फांसी की सजा को ही नहीं, बल्कि निचली अदालत द्वारा दोनों को दोषी ठहराए जाने के फैसले को भी पूरी तरह से चुनौती दी गई है। आरोपियों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद अब उच्च न्यायालय यह तय करेगा कि जिला अदालत के फैसले में किसी तरह का बदलाव किया जाता है या नहीं। इस उच्च स्तरीय कानूनी प्रक्रिया पर आम जनता की भी नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इस तरह के जघन्य अपराध समाज की सुरक्षा व्यवस्था और नैतिक ताने-बाने पर गहरा प्रभाव डालते हैं।
