जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ में निवेश करें या नहीं, एक्सपर्ट्स से जानें सही रणनीति | jio ipo listing strategy
भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ते हुए जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ निवेशकों के बीच भारी आकर्षण का केंद्र रहा है। कंपनी इस सार्वजनिक निर्गम के जरिए 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है, जिसके लिए शेयरों का प्राइस बैंड 1,065 से 1,119 रुपये तय किया गया है। जबरदस्त सब्सक्रिप्शन इस बात का गवाह है कि निवेशकों का देश की इस दिग्गज डिजिटल सेवा प्रदाता कंपनी पर कितना भरोसा है।
वित्तीय मजबूती और भविष्य की संभावनाएं
डिजिटल इकोनॉमी में अपनी मजबूत पकड़ रखने वाली इस कंपनी के पास 533 मिलियन से अधिक ग्राहक हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा 5G सेवाओं का उपयोग कर रहा है। भारत के कुल वायरलेस डेटा ट्रैफिक में कंपनी की हिस्सेदारी लगभग 60 प्रतिशत है। एआई, होम ब्रॉडबैंड और 5G नेटवर्क के विस्तार पर लगातार काम कर रही यह कंपनी भविष्य में मजबूत रिटर्न देने की क्षमता रखती है। हालांकि, टैरिफ दरों में बदलाव और कड़े मुकाबले जैसी चुनौतियां भी बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों की क्या है सलाह
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को केवल लिस्टिंग वाले दिन मिलने वाले अल्पकालिक मुनाफे के बजाय कंपनी के दीर्घकालिक फंडामेंटल पर ध्यान देना चाहिए। बाजार के जानकारों का सुझाव है कि जिन निवेशकों को यह आईपीओ अलॉट होता है, वे इसे तुरंत बेचने के बजाय अपने पोर्टफोलियो में लंबे समय तक बनाए रख सकते हैं, क्योंकि देश की डिजिटल ग्रोथ का सीधा फायदा ऐसी कंपनियों को मिलना तय है।
