वैभव सूर्यवंशी के चयन और प्लेइंग इलेवन में मौके को लेकर उठे सवाल | sports news
भारतीय क्रिकेट टीम के युवा और विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी इन दिनों करियर के एक अहम मोड़ पर खड़े हैं। अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली से सभी का ध्यान आकर्षित करने वाले वैभव को न्यूजीलैंड के खिलाफ जारी सीरीज में लगातार बेंच पर बैठना पड़ रहा है। टीम मैनेजमेंट द्वारा संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा की ओपनिंग जोड़ी पर भरोसा जताए जाने के कारण इस युवा खिलाड़ी को शुरुआती एकादश में जगह नहीं मिल पा रही है।
ईशान किशन के चोटिल होकर सीरीज से बाहर होने के बाद यह उम्मीद जताई जा रही थी कि वैभव को प्लेइंग इलेवन में आजमाया जा सकता है। हालांकि, मौजूदा टीम संयोजन और पिछले मैचों में सलामी जोड़ी के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए टीम प्रबंधन के लिए इस कॉम्बिनेशन को तोड़ना आसान नहीं है। ऐसे में क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैभव को ओपनिंग में मौका नहीं मिल रहा है, तो उन्हें मध्यक्रम यानी तीसरे या चौथे नंबर पर भी आजमाने पर विचार किया जाना चाहिए ताकि उनकी प्रतिभा का सही उपयोग हो सके।
वैभव जैसे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी के लिए केवल ड्रेसिंग रूम में बैठकर समय बिताना और नेट्स में अभ्यास करना पर्याप्त नहीं है। मैच अभ्यास किसी भी खिलाड़ी के विकास के लिए सबसे जरूरी पहलू होता है। यदि उन्हें अंतरराष्ट्रीय मैचों में लगातार बाहर बैठना ही है, तो प्रबंधन को यह सोचना होगा कि क्या उन्हें रणजी ट्रॉफी में अपनी घरेलू टीम बिहार की ओर से खेलने के लिए वापस भेजा जाना बेहतर विकल्प होगा या नहीं। इससे उन्हें लाल गेंद के क्रिकेट में लंबी पारियां खेलने और दबाव की स्थिति में खुद को परखने का पूरा अवसर मिलेगा।
मुख्य कोच और चयनकर्ताओं के सामने अब यह स्पष्ट करने की चुनौती है कि भविष्य की योजनाओं में वैभव की भूमिका क्या होगी। क्या उन्हें केवल एक वैकल्पिक ओपनर के रूप में रखा गया है या फिर मध्यक्रम की जिम्मेदारी सौंपकर एक पूर्ण बल्लेबाज के रूप में तैयार किया जा रहा है। खेल प्रेमियों का मानना है कि युवा प्रतिभाओं को बेंच पर बैठाकर उनकी ऊर्जा नष्ट करने के बजाय उन्हें या तो पर्याप्त मौके दिए जाएं या फिर घरेलू सर्किट में निरंतर मैच खेलने का अवसर मिलना चाहिए।
