दिवाली से पहले राष्ट्रीय राजधानी में हवा हुई जहरीली, लगातार चौथे दिन AQI खराब श्रेणी में दर्ज | national news
दिवाली के नजदीक आते ही दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा एक बार फिर दमघोटू होने लगी है। राजधानी में लगातार चौथे दिन एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खराब से बेहद खराब स्थिति के बीच झूल रहा है, जिससे सुबह के वक्त सड़कों पर स्मॉग और धुंध की मोटी चादर साफ तौर पर देखी जा सकती है। मौसम की बेरुखी और हवा की धीमी रफ्तार के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में ही ठहर गए हैं, जो स्थिति को और अधिक गंभीर बना रहे हैं।
सार्वजनिक स्वास्थ्य पर इसके गंभीर दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस स्तर का प्रदूषण बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस या हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो सकता है। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान यानी ग्रैप का पहला चरण लागू कर दिया है। इसके तहत सड़कों की मशीनी सफाई, पानी का छिड़काव और निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय प्रदूषण के अलावा उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रही हवाओं और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने की घटनाओं ने भी चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि केवल पराली को दोषी ठहराने के बजाय वाहनों के धुएं, सड़कों की धूल और कचरा जलाने जैसी स्थानीय गतिविधियों पर भी उतनी ही सख्ती से लगाम कसनी होगी। अधिकारियों और विभिन्न राज्यों के बीच बेहतर समन्वय के बिना इस समस्या का स्थायी समाधान मुश्किल नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में राहत पूरी तरह से मौसम के मिजाज और प्रशासनिक पाबंदियों की सख्ती पर टिकी हुई है।
