हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से जनजीवन ठप, कई जिलों में गहराया जल संकट | haryana news
हरियाणा राज्य में बिजली वितरण के कथित निजीकरण के खिलाफ बिजली निगमों के करीब 40 हजार कर्मचारियों और इंजीनियरों ने मोर्चा खोल दिया है। इस तीन दिवसीय हड़ताल के चलते गुरुग्राम, फरीदाबाद, नूंह, सोनीपत और रेवाड़ी समेत कई जिलों में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे आम जनजीवन पर भारी असर पड़ा है।
गुरुग्राम में हड़ताल के कारण स्थिति गंभीर बनी हुई है। यहां महज कुछ ही घंटों में हजारों की संख्या में बिजली गुल होने की शिकायतें दर्ज की गईं। बिजली न होने के कारण वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बंद हो गए हैं, जिससे कई इलाकों में पानी की सप्लाई बाधित हो गई है। नूंह और पलवल के ग्रामीण क्षेत्रों में भी लगभग 24 घंटे से बिजली गुल रहने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मवेशियों के लिए पीने के पानी का संकट खड़ा हो गया है और घरेलू उपकरण ठप पड़े हैं।
विद्युत आपूर्ति ठप होने से गुस्साए रेवाड़ी के ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे 352 पर जाम लगाकर जोरदार प्रदर्शन किया। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और बिजली दफ्तरों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। गुरुग्राम प्रशासन ने नागरिकों की सुविधा के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर और व्हाट्सएप नंबर जारी किए हैं ताकि बिजली संबंधी शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा सके। इस हड़ताल से औद्योगिक इकाइयों का कामकाज भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को झटका लगा है।
