दशहरा पर कॉकरोच का पुतला जलाने को लेकर दिल्ली में राजनीतिक संग्राम, FIR की मांग | delhi news
दिल्ली में इस बार का दशहरा उत्सव अपनी अनूठी परंपरा के कारण बड़े राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गया है। राष्ट्रीय राजधानी के पीतमपुरा स्थित नेताजी सुभाष प्लेस के डीडीए मैदान में आयोजित रावण लीला के दौरान पारंपरिक पुतलों के साथ एक 30 फीट ऊंचा कॉकरोच का पुतला भी जलाया गया, जिसके बाद से राजनीतिक दलों के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। इस घटना से सार्वजनिक जीवन में स्वच्छता और राजनीतिक प्रतीकों के इस्तेमाल को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।
आम आदमी पार्टी का कड़ा विरोध और एफआईआर की मांग
आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए दिल्ली के उपराज्यपाल और पुलिस कमिश्नर को आधिकारिक शिकायत भेजी है। उन्होंने श्री केशव रामलीला कमेटी के आयोजकों और कार्यक्रम में शामिल रहे नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। ‘आप’ नेता का आरोप है कि पारंपरिक पुतलों के साथ कॉकरोच का दहन करना धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से इस आयोजन से जुड़ी सभी प्रचार सामग्री हटाने की भी मांग की है।
भाजपा नेता का पलटवार और आयोजकों की सफाई
विपक्षी दल के हमलों का जवाब देते हुए भाजपा नेताओं ने इसे राजनीतिक हताशा करार दिया है। आयोजकों का पक्ष रखते हुए स्पष्ट किया गया कि कॉकरोच का पुतला जलाने का मुख्य उद्देश्य समाज में गंदगी और उससे फैलने वाली बीमारियों के प्रति जागरूकता फैलाना था, क्योंकि कॉकरोच अस्वच्छता का प्रतीक माना जाता है। हालांकि, मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम और चुनाव आयोग से जुड़े हालिया घटनाक्रमों के बीच इस प्रतीकात्मक दहन ने इसे एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बना दिया है।
