दिल्ली में पूजा सामग्री और मूर्तियों के निपटारे के लिए लगेंगे 250 कलेक्शन कियोस्क | delhi news
दिल्ली में पूजा-पाठ के बाद खंडित मूर्तियों और बची हुई धार्मिक सामग्री को इधर-उधर फेंकने या जलस्रोतों में प्रवाहित करने की समस्या से निपटने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। राजधानी में अब ऐसी सामग्री के सम्मानजनक और व्यवस्थित निपटारे के लिए 250 कलेक्शन कियोस्क स्थापित किए जा रहे हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए पर्यावरण को सुरक्षित रखना और प्रदूषण पर लगाम लगाना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की पहल पर नगर निगम और प्लास्टइंडिया फाउंडेशन के बीच हुए समझौते के तहत यह रूपरेखा तैयार की गई है। पहले चरण के तहत नगर निगम के विभिन्न वार्डों में कुल 250 कियोस्क बनाए जाने हैं, जिनमें से 60 कियोस्क बनकर तैयार हो चुके हैं और इन्हें स्थापित भी कर दिया गया है। इन केंद्रों को प्लास्टइंडिया फाउंडेशन द्वारा निशुल्क उपलब्ध कराया गया है, ताकि लोग आसानी से इनका उपयोग कर सकें।
इन केंद्रों पर जमा होने वाली सामग्री की पूरी देखरेख नगर निगम द्वारा की जाएगी। निगम के कर्मचारी इन कियोस्क से सामग्री एकत्र कर निर्धारित रिसाइक्लिंग केंद्रों तक पहुंचाएंगे, जहां वैज्ञानिक तरीके से इसका निस्तारण होगा। इस व्यवस्था से न केवल सड़कों और जलस्रोतों पर फैलने वाले कचरे से राहत मिलेगी, बल्कि नागरिकों को भी अपनी धार्मिक सामग्री के विसर्जन के लिए एक बेहतर विकल्प मिल सकेगा।
त्योहारों के सीजन में राजधानी में मूर्तियों और पूजा सामग्री का उपयोग बड़े पैमाने पर होता है, जिससे इनके उचित प्रबंधन की चुनौती हमेशा बनी रहती है। सरकार की इस नई योजना से पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा। हालांकि, इस व्यवस्था की सफलता पूरी तरह से आम नागरिकों के सहयोग पर निर्भर करती है कि वे इन कियोस्क का कितना अधिक उपयोग करते हैं।
