ताजमहल परिसर में बंदरों का बढ़ता आतंक, पर्यटकों में भय का माहौल | agra news
ताजमहल और उसके आसपास के ऐतिहासिक परिसर में बंदरों का उत्पात इस कदर बढ़ गया है कि पर्यटकों के लिए यहां घूमना अब जोखिम भरा साबित हो रहा है। स्मारक के अंदर और बाहर बंदरों द्वारा पर्यटकों को काटने और उनका सामान छीनने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर शहर की छवि पर भी असर पड़ रहा है।
प्रशासनिक विभागों में खींचतान
बंदरों के इस गंभीर खतरे से निपटने के लिए जिम्मेदार विभाग आपसी जिम्मेदारी तय करने में जुटे हैं। वन विभाग, नगर निगम और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के बीच समन्वय की कमी के कारण कोई ठोस कार्रवाई जमीन पर नहीं उतर पा रही है। पूर्व में एंटी मंकी टास्क फोर्स बनाने और अल्ट्रासाउंड मशीनें लगाने जैसी कई योजनाएं बनाई गई थीं, जो फाइलों में ही दम तोड़ चुकी हैं। विभागों की इस सुस्ती का खामियाजा आम पर्यटकों और स्थानीय दुकानदारों को भुगतना पड़ रहा है।
सार्वजनिक सुरक्षा पर असर
ऐतिहासिक स्मारकों पर आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पर्यटन उद्योग के लिए बेहद जरूरी है। इस तरह की घटनाएं पर्यटकों के मन में असुरक्षा की भावना पैदा करती हैं, जिससे दीर्घकालिक रूप से पर्यटन को नुकसान पहुंचता है। स्थानीय लोगों और पर्यटकों की मांग है कि इस समस्या का त्वरित और स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
