त्योहारी सीजन में दिल्ली के प्रदर्शनों पर रोक की मांग, व्यापारियों को भारी नुकसान की आशंका | delhi business news
राजधानी दिल्ली में आए दिन होने वाले धरने-प्रदर्शनों और उसकी वजह से ठप होने वाली मेट्रो सेवाओं ने व्यापारियों की मुसीबतें बढ़ा दी हैं। शारदीय नवरात्रि से लेकर दिवाली तक का समय व्यापार के लिहाज से सबसे अहम माना जाता है, लेकिन सड़कों पर जाम और यातायात बाधित होने से ग्राहकों का बाजारों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने इस गंभीर समस्या को उठाते हुए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री को पत्र भेजा है। संगठन ने मांग की है कि नवरात्रि से लेकर दिवाली के त्योहारी सीजन के दौरान जंतर-मंतर, संसद मार्ग, कनॉट प्लेस और लुटियंस दिल्ली जैसे व्यस्त इलाकों में बड़े पैमाने पर होने वाले प्रदर्शनों पर रोक लगाई जाए। CTI का तर्क है कि इस दौरान व्यापार को सुचारू रखने के लिए कड़े कदम उठाना जरूरी है, क्योंकि दिल्ली के बाजारों पर करीब 15 लाख व्यापारियों की आजीविका निर्भर करती है।
व्यापारियों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में दिल्ली के बाजारों में कारोबार सामान्य से गिरकर मात्र 30 प्रतिशत पर आ गया है। बाहरी इलाकों से आने वाले खरीदारों की संख्या में भारी कमी आई है, जिससे स्थानीय दुकानदारों को आर्थिक मोर्चे पर तगड़ा झटका लगा है। संगठन ने सुझाव दिया है कि भविष्य में किसी भी बड़ी अव्यवस्था से बचने के लिए एक हजार से अधिक लोगों के प्रदर्शन पर सीमा तय की जानी चाहिए और बुराड़ी या रामलीला मैदान जैसे बाहरी क्षेत्रों को स्थायी प्रोटेस्ट जोन घोषित किया जाना चाहिए।
