पश्चिम बंगाल का नाम बदलने की तैयारी, विधानसभा में जल्द पेश होगा विधेयक | west bengal news
पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर ‘पश्चिम बंग’ करने की राजनीतिक हलचल एक बार फिर तेज हो गई है। राज्य स्तर पर ऐतिहासिक जड़ों और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने के लिए इस दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बदलाव से प्रशासनिक कार्यों और राष्ट्रीय मंचों पर राज्य की स्थिति में सुगमता आएगी।
तय योजना के अनुसार, राज्य सरकार जल्द ही विधानसभा के आगामी सत्र में नाम परिवर्तन से जुड़ा आधिकारिक विधेयक पेश कर सकती है। इस प्रस्ताव के पास होने के बाद इसे केंद्रीय स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। अंग्रेजी वर्णमाला के क्रम में राज्य का नाम नीचे होने के कारण बैठकों में आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करना भी इस बदलाव के प्रमुख कारणों में शामिल रहा है।
इसके अलावा, वाराणसी में ‘पश्चिम बंग भवन’ के निर्माण की भी योजना बनाई गई है। यह सांस्कृतिक केंद्र बंगाल से काशी आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए आवास की सुविधा प्रदान करेगा, जिससे दोनों क्षेत्रों के पुराने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंध और प्रगाढ़ होंगे। कूचबिहार राजपरिवार और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से तैयार होने वाला यह केंद्र बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाएगा।
राज्य का नाम बदलने का यह प्रयास नया नहीं है। इससे पहले भी वर्ष 1999 और 2011 तथा 2018 में विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर केंद्र के पास भेजे गए थे, लेकिन विभिन्न राजनीतिक और संवैधानिक कारणों से सहमति नहीं बन पाई थी। अब एक बार फिर से इस प्रक्रिया के शुरू होने से जनता के बीच यह चर्चा का विषय बन गया है कि क्या इस बार केंद्र सरकार से इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल पाएगी।
