फ्लाईदुबई विमान में भारतीय कैप्टन पर हमले की जांच में बड़ा खुलासा, अकेले ही वारदात को अंजाम देने की आशंका | international news
दुबई से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर हुए हमले के मामले में अंतरराष्ट्रीय जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। शुरुआती खुफिया और सुरक्षा रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी को-पायलट हमाम अल-हमामी ने संभवतः अकेले ही इस खतरनाक वारदात को अंजाम दिया था। इजरायली अधिकारियों का मानना है कि यह घटना किसी बड़े आतंकी संगठन की सुनियोजित साजिश के बजाय ‘लोन-वुल्फ’ हमले की श्रेणी में आ सकती है, हालांकि सभी संभावित पहलुओं पर बारीकी से जांच की जा रही है।
जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि ओमान के नागरिक बताए जा रहे अल-हमामी के चरमपंथी विचारों के बारे में पहले से जानकारी होने के बावजूद उसे कॉकपिट तक पहुँचने का मौका कैसे मिला। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ओमान में उसे पहले ही विमान उड़ाने से रोका जा चुका था। इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात, इजरायल और सऊदी अरब के अलावा ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस भी इस मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है, क्योंकि आरोपी ने कुछ साल पहले ऑस्ट्रेलिया में भी समय बिताया था।
यह घटना विमानन सुरक्षा के इतिहास की उन गंभीर घटनाओं में शुमार हो गई है जहाँ क्रू मेंबर द्वारा ही यात्रियों की जान को खतरे में डाला गया। घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मछार ने जिस सूझबूझ और बहादुरी का परिचय दिया, उससे विमान में सवार 174 यात्रियों की जान बच सकी। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यापक अंतरराष्ट्रीय जांच के पूर्ण होने के बाद ही हमले के असली मकसद और सुरक्षा चूकों की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
