नोएडा की सुपरनोवा इमारत में सुरक्षा और शॉर्ट-स्टर्म स्टे पर उठे गंभीर सवाल | nida news
नोएडा के सेक्टर-94 में यमुना किनारे स्थित सुपरनोवा अपनी आधुनिक वास्तुकला और भव्यता के लिए दूर से ही लोगों का ध्यान खींचती है। हालांकि, यह चमक-दमक अब विवादों के साए में घिरती नजर आ रही है। हाल ही में स्पाइरा टावर की 43वीं मंजिल से एक युवक के कूदकर जान देने की घटना ने इस हाईराइज परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को एक बार फिर कटघरे में ला खड़ा किया है। इस घटना के बाद से यहां आने वाले मेहमानों की मॉनिटरिंग और एंट्री के तौर-तरीकों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
यह पूरी समस्या इस इमारत के मिक्स्ड-यूज स्वरूप से जुड़ी हुई है। सुपरनोवा के एक हिस्से में जहां स्थायी परिवार निवास करते हैं, वहीं दूसरी ओर स्पाइरा टावर में बड़ी संख्या में फ्लैट्स का इस्तेमाल एयरबीएनबी और अन्य पोर्टल्स के जरिए शॉर्ट-टर्म स्टे के लिए किया जाता है। एक ही परिसर में लगातार आने-जाने वाले अनजान लोगों और स्थायी परिवारों के साझा इस्तेमाल वाले स्थानों जैसे लिफ्ट और पार्क के कारण सुरक्षा जोखिम बढ़ जाते हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि बार-बार बदलते मेहमानों के चलते परिसर की शांति और सुरक्षा दोनों प्रभावित हो रही हैं।
इससे पहले भी इस परिसर में सुरक्षा गार्ड और आगंतुकों के बीच विवाद की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। जिला प्रशासन और अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन द्वारा शॉर्ट-टर्म रेंटल गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए नए नियम और एसओपी तैयार किए गए हैं, ताकि आवासीय परिसरों में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू किया जा सके। इस तरह की घटनाओं से न केवल स्थानीय स्तर पर डर का माहौल बनता है, बल्कि बड़े शहरी परिसरों में प्रबंधन की जवाबदेही पर भी नए सिरे से विचार करने की जरूरत महसूस होने लगी है।
