पाकिस्तानी सेना के प्रोपेगैंडा का पर्दाफाश, मारे गए आतंकी की जगह हमशक्ल को किया पेश | international news
भारतीय सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में एक मुठभेड़ के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के खतरनाक आतंकवादी और पूर्व पाकिस्तानी एसएसजी कमांडो मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा को ढेर कर दिया था। इस कार्रवाई को भारत के आतंकवाद-विरोधी अभियानों के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि मूसा लंबे समय से सुरक्षा बलों की पकड़ से दूर था और कई हमलों का मास्टरमाइंड था।
भारतीय सेना की इस बड़ी कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद, पाकिस्तान ने अपने प्रोपेगैंडा के तहत भारत के दावे को चुनौती देने का नाटक किया। पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग के अधिकारियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक व्यक्ति को पेश किया और दावा किया कि वही मोहम्मद आसिफ है, जो जिंदा है। हालांकि, पाकिस्तान का यह झूठ कुछ ही पलों में दुनिया के सामने बेनकाब हो गया।
स्वतंत्र ओपन-सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) अकाउंट्स और रक्षा विशेषज्ञों ने तुरंत मारे गए आतंकवादी की पुरानी तस्वीरों और पाकिस्तान द्वारा पेश किए गए व्यक्ति के चेहरे की बनावट, कान, नाक और आंखों की स्थिति की तुलना की। दोनों में स्पष्ट अंतर पाए गए, जिससे साफ हो गया कि पाकिस्तान ने दुनिया को गुमराह करने के लिए एक नकली हमशक्ल को कैमरे के सामने खड़ा किया था। इस तरह की ओछी हरकतें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की विश्वसनीयता को और अधिक धूमिल करती हैं।
