एशियन गेम्स में भारतीय महिला तीरंदाजी टीम ने रचा इतिहास, साउथ कोरिया को हराकर जीता स्वर्ण पदक | sports news
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने अद्भुत कौशल का प्रदर्शन करते हुए इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। फाइनल मुकाबले में भारत का मुकाबला साउथ कोरिया की मजबूत और अनुभवी टीम से था, जिसके पास कई ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने का रिकॉर्ड है। बेहद रोमांचक और कड़े मुकाबले में भारतीय तिकड़ी ने दबाव पर पूरी तरह नियंत्रण रखते हुए साउथ कोरिया को 5-3 से मात दी। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही भारत ने महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में पहली बार स्वर्ण पदक हासिल किया है, जो देश के खेल जगत के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। तेज हवाओं के बीच खेले गए शुरुआती दो सेट बराबरी पर छूटे, जिससे दोनों टीमों को अंक बांटने पड़े। हालांकि, तीसरे सेट में कोरियाई टीम ने कुछ अहम गलतियां कीं, जिसका पूरा फायदा उठाते हुए भारतीय तीरंदाजों ने सटीक निशाने साधे और बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद चौथे और अंतिम सेट में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपने संयम को नहीं खोया और स्कोर को बराबर रखते हुए ऐतिहासिक जीत की इबारत लिख दी। फाइनल में पहुंचने से पहले भारतीय महिलाओं ने सेमीफाइनल में चीन जैसी मजबूत टीम को भी 5-1 के बड़े अंतर से हराया था।
इस स्वर्णिम सफलता में टीम की तीनों खिलाड़ियों—अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड ने अपनी-अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया है। अंकिता भकत जहां टीम की सबसे अनुभवी खिलाड़ी के रूप में मार्गदर्शन कर रही थीं, वहीं युवा खिलाड़ियों कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड ने भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया। इस ऐतिहासिक प्रदर्शन से देश के युवा खिलाड़ियों को बड़े मंचों पर बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी और भारत में तीरंदाजी खेल को एक नई पहचान और लोकप्रियता हासिल होगी।
