पिता के आतंकवादियों द्वारा अपहरण और शहादत पर छलका अभिनेत्री निम्रत कौर का दर्द | entertainment news
अभिनेत्री निम्रत कौर ने हाल ही में अपने बचपन के उस काले दौर को याद किया है जिसने उनके पूरे परिवार की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया। जब वह मात्र 11 वर्ष की थीं, तब उनके पिता मेजर भूपेंद्र सिंह को कश्मीर में आतंकवादियों ने अपनी गिरफ्त में ले लिया था और बाद में उनकी हत्या कर दी थी। इस तरह की त्रासद घटनाएं न केवल एक परिवार को बल्कि पूरे समाज को झकझोर कर रख देती हैं, और पीड़ित परिवार के लिए इस प्रकार के घाव कभी पूरी तरह नहीं भरते।
जनवरी 1994 का वह दौर ऐसा था जब मेजर सिंह अपनी आधिकारिक जिम्मेदारी निभाकर वापस लौट रहे थे। आतंकवादियों ने सेना की वर्दी का दुरुपयोग करते हुए उन्हें रास्ते में ही अगवा कर लिया था। इसके बाद के सात दिन परिवार के लिए किसी अनिश्चित और भयानक संघर्ष से कम नहीं थे, जहां अपहरणकर्ताओं द्वारा लगातार अजीबोगरीब मांगें रखी जा रही थीं। आखिरकार, सातवें दिन इस बात की पुष्टि हो गई कि मेजर भूपेंद्र सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे। उन्हें मरणोपरांत उनके अदम्य साहस के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था।
इस कठिन समय के बाद निम्रत की मां ने असाधारण साहस का परिचय देते हुए अपनी दोनों बेटियों की परवरिश की जिम्मेदारी संभाली और परिवार को नोएडा लेकर आ गईं। आज भी इस नुकसान की भरपाई किसी भी चीज से नहीं हो सकती, और यह घटना देश के उन अनगिनत सुरक्षाकर्मियों के परिवारों के बलिदान की याद दिलाती है जो राष्ट्र की रक्षा में अपना सर्वस्व न्योछावर कर देते हैं।
