उत्तर प्रदेश में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई जिलों में बाढ़ का खतरा | up politics news
उत्तर प्रदेश में सक्रिय हुए मानसून के नए सिस्टम ने राज्य के कई जिलों में भारी तबाही मचाई है। दक्षिण-पूर्वी यूपी के ऊपर बने डिप्रेशन के प्रभाव से राजधानी लखनऊ समेत अधिकांश जिलों में झमाझम बारिश का दौर जारी है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह लड़खड़ा गया है (up politics news)। बांदा, फतेहगढ़, बहराइच और कन्नौज जैसे इलाकों में रिकॉर्डतोड़ बारिश दर्ज की गई है, जिसके कारण निचले इलाकों और कई सरकारी परिसरों में भारी जलभराव हो गया है। लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के चलते कच्चे मकानों की दीवारें गिरने और पेड़ उखड़ने की घटनाओं से लोगों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
प्रशासन मुस्तैद, मुख्यमंत्री ने दिए राहत के निर्देश
मौसम विभाग ने पूर्वी और तराई उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। नेपाल में हो रही बारिश को देखते हुए सीमावर्ती जिलों में भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। अचानक बाढ़ के खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने बलिया, गोरखपुर, गाजीपुर, आजमगढ़ और अयोध्या समेत कई जिलों में अलर्ट घोषित किया है। इस आपदा से आम जनता को राहत पहुंचाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है।
मुख्यमंत्री ने सभी प्रभावित जिलों के प्रशासन को तत्परता से राहत कार्य चलाने और जनहानि व पशुहानि पर नियमानुसार मुआवजा देने के कड़े निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, बारिश की वजह से प्रभावित हुई बिजली आपूर्ति को सुचारू करने और जलभराव वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसानों की बर्बाद हुई फसलों का आकलन कर जल्द ही उन्हें भी मुआवजा वितरित किया जाएगा।
