आगरा में फर्जी दस्तावेजों के जरिए 1.70 करोड़ की जीएसटी चोरी का खुलासा, दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज | agra news
उत्तर प्रदेश के ताजनगरी आगरा में फर्जीवाड़े का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां शातिर आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे जीएसटी पंजीकरण हासिल कर सरकारी खजाने को करोड़ों का चूना लगाया। इस धोखाधड़ी के तहत अस्तित्वहीन फर्मों से खरीद-फरोख्त दिखाकर लगभग 1.70 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हड़प ली गई, जिससे राजकोष को भारी नुकसान हुआ [agra news]।
राज्य कर विभाग के अधिकारियों की शिकायत के आधार पर लोहामंडी थाने की पुलिस ने एमएस कैलाशपति एंटरप्राइजेज के पार्टनर सुमित सिंह और विपिन सिंह के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने टेक्सटाइल फैब्रिक्स और अन्य सामग्रियों के कारोबार के नाम पर सितंबर 2022 में पंजीयन कराया था, जो कागजों पर तो दौड़ रहा था लेकिन धरातल पर उसका कोई वजूद ही नहीं था।
विभागीय जांच के दौरान जब इस फर्जीवाड़े की परतें खुलीं, तो अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सितंबर 2022 से ही फर्म का पंजीकरण निरस्त कर दिया था। इस तरह के आर्थिक अपराध सीधे तौर पर देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता के विकास कार्यों को प्रभावित करते हैं। फिलहाल पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों नामजद आरोपियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
